असम: इलाज के लिए जादू-टोने को लेकर हुई सख्त सरकार, कैबिनेट से प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंजूरी

गुवाहाटी. असम सरकार इलाज के नाम पर किए जाने वाले जादू-टोने को लेकर सख्त हो गई है. सरकार ने उपचार के नाम पर जादुई उपचार की प्रथाओं को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है. उसने इस तरह के उपचार को समाप्त करने के लिए एक विधेयक को मंजूरी दे दी है. इस विधेयक में ऐसे उपचार … Read more

कला और अभिव्यक्ति की आजादी पर हो रहे हमलों की जलेस द्वारा निंदा, कड़ी कारवाई की मांग

इस महीने की 2 फरवरी को सवित्रीबाई फुले, पुणे विश्वविद्यालय के ललित कला केंद्र में परीक्षा के असाइनमेंट के तौर पर मंचित हो रहे नाटक ‘जब वी मेट’ को आरएसएस-भाजपा से जुड़े छात्र संगठन अभाविप द्वारा बाधित करके हंगामा और तोड़-फोड़ किया गया। प्रो. प्रवीण दत्तात्रेय भोले, और पांच विद्यार्थियों के ख़िलाफ़ अभाविप और भाजयुमो ने एफ़आईआर दर्ज कराया जिसके आधार पर इन छह लोगों को गिरफ़्तार कर लिया … Read more

बराक वैली मीडिया फोरम और असम स्टेट जर्नलिस्ट एसोसिएशन की संयुक्त बैठक संपन्न असम राज्य पत्रकार संघ द्वारा बराक वैली मीडिया फोरम को आधिकारिक मान्यता

प्रेरणा प्रतिनिधि, शिलचर 11 फरवरी:  बराक वैली मीडिया फोरम और असम स्टेट एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने स्वागत समारोह और संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया। बैठक का स्थान प्रशांति लॉज,  सिद्धेशर कपिलाश्रम करदापुर। रविवार 11 फरवरी को दिनभर चले कार्यक्रम में पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान असम राज्य पत्रकार … Read more

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 171 वीं वाहिनी ने सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत अरुणाचल प्रदेश में गर्ल्स फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया

डिब्रूगढ़ , 11 फरवरी , संदीप अग्रवाल डिब्रूगढ़ के पुलिस रिजर्व लाइन स्थित 171 वाहिनी के.रि.पु. बल  द्वारा अपने सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत आज  जनरल ग्राउंड रोइंग, लोवर दिबांग वैली (अरूणाचल प्रदेश) में महिला फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया किया गया। आज के इस महिला फुटबाल टूर्नामेंट का शुभारम्भ मुख्य अतिथि महोदया मिस टिने … Read more

छठी वाहिनी एस.एस.बी के द्वारा जंगल मे लगे आग को बुझाया गया।।

कोकराझार, 11 फ़रवरी। छठी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, रानीगुली के सीमा चौकी नहारानी से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में लगे आग के धुआ देखते ही सीमा चौकी नहारानी के समवाय प्रभारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया टीम घटना पर दौड़ते हुये पहुचे उसके उपरांत आग बुझाने का काम शुरु किया गया इस दौरान समवाय प्रभारी नहरानीे … Read more

राम लला हम आयेंगे मन्दिर वहीं बनायेंगे-(1) — आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! शताब्दियों से चली आ रही मुस्लिम  आक्रांताओं द्वारा दिये गये हमारी सांस्कृतिक अस्मिता पर लगे घावों के प्रथम चिन्ह को अंततः हमारे यशस्वी प्रधानमन्त्री श्रीमान नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी के भगीरथी प्रयास से मिटाने की वो घडी आ गयी जिसकी प्रतिक्षा में हमारे आपके पूर्वजों ने न जाने कितनी बार अपना … Read more

चाय उद्योग की सुनो पुकार-वरना होगा बंटाधार-(2) — आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! आप सभी को स्मरण दिला दूं कि सन् 1951 में चाय उद्योग के हितार्थ असमिया सरकार ने-“चालिहा कमेटी” का गठन किया था धीरे-धीरे उसके सुझावों पर सरकार ने ध्यान भी दिया ! किन्तु इस बिन्दु पर यह भी उल्लेखनीय है कि ब्रम्हपूत्र बेली की अपेक्षा बराक उपत्यका के चायबागानों की समस्याओं पर कम … Read more

मणिना भूषितः सर्पः किमसौ न भयङ्करः — आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! राज्यस्तरीय न्यायपालिका एवं सर्वोच्य न्यायपालिका ने एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण निर्णय देकर हमारे अपने बांग्ला भाषी लोगों को पुनश्च गम्भीर समस्याओं की गहरी खन्दक में ढकेल दिया है ! बांग्ला देश से आये हमारे बंगबन्धुओं को आज अपने उन समभाषी मुस्लिम लोगों की आतंकवादी एवं अतिक्रमणकारी गतिविधियों के कारण चिंतित होना पडा … Read more

मंगल पांडे जी की मूर्ति स्थापना एक अनसुलझी पहेली क्यूँ ? — आनंद शास्त्री

मंगल पाण्डे जी की मूर्ति स्थापना हमारी मांग के निहितार्थ सम्माननीय मित्रों ! भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, अग्रीम एवं प्रथम बलिदानी मंगल पाण्डे जी की स्मृति में अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुवे हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमान हेमन्तो बिस्वशर्मा जी,प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी असम एवं भारत सरकार के साथ-साथ हमारी मातृसंस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक … Read more

चाय उद्योग की सुनो पुकार-वरना होगा बंटाधार-(1)— आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! पहले जब कभी यहाँ अर्थात अखण्ड असम में यत्र तत्र सर्वत्र घनघोर जंगल थे ! प्रकृति के आंचल तले हमारे गिरिवासी वनवासी सीधे सादे सच्चे लोग बसते थे अर्थात लगभग सन् 1821 के आसपास इस्ट इंडिया कम्पनी ने सर्वप्रथम दो उद्योगों की नींव रखी थी! वे स्वार्थी तत्त्व थे ! उनकी दृष्टि … Read more