लाइंस कल्ब आफ शिलचर वैली बुक बैंक खोलने का निर्णय लिया

“लायंस क्लब ऑफ सिलचर वैली” की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से क्लब की एक और स्थायी परियोजना के रूप में ‘बुक बैंक’ खोलने का निर्णय लिया गया। इस बैंक के माध्यम से, क्लब वैली कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के अत्यंत गरीब छात्रों की मदद करती है। उनकी पढ़ाई में और उन्हें आगे की … Read more

पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता रितेश नुनिया ने घुंघूर के दिव्यांग रामबरन रविदास को हाथ रिक्शा देकर बड़ा उपकार किया

आज दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में पितृ विसर्जन के पश्चात अपने पितरों को स्मरण करते हुए पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता रितेश नुनिया ने घुंघूर के दिव्यांग रामबरन रविदास को हाथ रिक्शा देकर एक नेक और प्रेरणादायी काम किया। हाथ रिक्शा प्रदान करके रितेश नुनिया ने कहा कि आज मुझे बहुत खुशी हो रही है और … Read more

डर्बी गांव पंचायत के लोगों ने सभापति का पुतला जलाया

शिवकुमार शिलचर16 अक्टूबर: धोलाई विधान सभा क्षेत्र के नरसिंहपुर बिकाश खंड के अंतर्गत डर्बी गांव पंचायत के कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं में घोटाले को लेकर विगत रविवार को गांव पंचायत कार्यालय के समीप सौ से अधिक जनताओ ने जीपी पंचायत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दिन स्थानीय समाजसेवी रामसिंहसन ग्वाला ने डर्बी जीपी … Read more

असम के नागरिकों की सुरक्षा केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, राष्ट्र विरोधी अलगाववादी संगठन अल्फा से खतरा है – बीडीएफ

कल असम के अलगाववादी संगठन अल्फा की ओर से बराक को अलग करने की मांग को लेकर एक बयान मीडिया में प्रकाशित हुआ था. बराक डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस पर प्रतिक्रिया दी.   अल्फ़ा स्वाधीन नामक एक अलगाववादी संगठन ने कहा कि चूंकि बराकभूमि शुरू से ही कछारी राज्य का हिस्सा थी और इस भूमि … Read more

शिलचर जिला कांग्रेस पहली बार तीन दिन दुर्गात्सव मनायेगी रोजाना महाप्रसाद वितरित किया जायेगा

‘सिलचर’ “जिला कांग्रेस सारदीय महोत्सव समारोह समिति” ने इंदिरा भवन सिलचर में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। समिति के मुख्य संरक्षक अभिजीत पाल, अध्यक्ष सिमंता भट्टाचार्य और महासचिव संजीब रॉय, अंसार हुसैन बारालस्कर, सूर्यकांत सरकार, अशोक वैद्य, अर्कदीप रॉय चौधरी, जुनैद अहमद मजूमदार, अरूप सेनगुप्ता ने अन्य लोगों की उपस्थिति में बात की। … Read more

कब तक मुझे रुकोगे।

मैं दरिया हूं। मैं बहता हुआ स्रुत हूं। कब तक मुझे रुकोगे। मैं उगता हुआ पौधा हूं। मैं विस्तृत गगन हूं। मुझमें प्राण है। मेरी पण है। मैं कदम बढ़ाते रहूंगी। हर कदम का किस्सा तुझे सुनाऊंगी। काट लोगी मेरी टांग , तो भी मुझे क़फ़स में नहीं रख सकते। मैं अर्श पे चढ़ के … Read more