
गुवाहाटी। 14 अप्रैल को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम की राजधानी गुवाहाटी में धूम मचाने वाले हैं। इसी के साथ ही बिहू पर्व के दौरान यहां विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। यहां पर असम की 17 वर्षीय प्रियाखी सरमा बचपन से ही बिहू नास (नृत्य) करेंगी। उनके साथ राज्य के 11,000 से अधिक कलाकार परफॉर्मेंश करेंगे।
बिहू नास रोंगाली बिहू, या बोहाग बिहू की एक परिभाषित विशेषता है, जो असमिया नव वर्ष में बजता है। असम सरकार 14 अप्रैल को इस त्यौंहार को लोक नृत्य के साथ शुरू करने की योजना बनाई जा रही। राज्य के सभी जिलों के 11,140 कलाकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में गुवाहाटी के सुरसजाई स्टेडियम में एक साथ प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने कहा है कि उनका उद्देश्य एक ही स्थान पर सबसे बड़े बिहू नृत्य प्रदर्शन का आयोजन करना और इसे लोक-नृत्य श्रेणी में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल करना है। यह प्रदर्शन लगभग 15 मिनट का होगा। लेकिन इसमें शामिल लॉजिस्टिक्स बड़े पैमाने पर हैं, जिसकी शुरुआत कलाकारों के चयन से होती है।
आपको बता दें कि इन कलाकारों में 70 प्रतिशत महिलाएं और 30 प्रतिशत पुरुष होंगे, जिसमें गायक और पारंपरिक वाद्य यंत्र जैसे ढोल, ताल, गोगोना, टोका, पेपा और जुतुली शामिल होंगे। कलाकारों को राज्य के 31 जिलों में से प्रत्येक से लाया जा रहा है। इनमें 15-35 आयु वर्ग की महिलाओं और 15-55 आयु वर्ग के पुरुषों को ऑडिशन के लिए खुद को ऑनलाइन पंजीकृत करने के लिए आमंत्रित किया गया था, जिसका चयन जिला प्रशासन को सौंपा गया था। बिहू प्रतिपादक रंजीत गोगोई को रूटीन कोरियोग्राफ करने के लिए अनुबंधित किया गया है।इसको लेकर गोगोई ने कहा कि फरवरी में ही हमने कोरियोग्राफी का एक मॉडल वीडियो बनाया था जिसे एक विशेषज्ञ समिति ने मंजूरी दी थी। हम सभी जिलों से श्मास्टर्सश् लेकर आए और उन्हें गुवाहाटी में नियमित रूप से प्रशिक्षित किया गया ताकि वे अपने जिलों में वापस जा सकें और वहां वीडियो की सहायता से कलाकारों को पढ़ा सकें। 27 मार्च से 31 मार्च तक हमारे विशेषज्ञों की देखरेख में मास्टर्स द्वारा सभी जिलों में कार्यशालाएं की गईं।