।।शिवसागर के बाढ़ प्रभावित खोनामुख में लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य एवं राहत शिविर, 460 से अधिक लोगों का हुआ उपचार, 215 परिवारों को मिली राहत सामग्री।।
लखीमपुर, 3 अगस्त। लखीमपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एलएमसीएच) के डॉक्टरों, इंटर्न चिकित्सकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए शिवसागर जिले के गौरीसागर स्थित बाढ़ प्रभावित खोनामुख क्षेत्र में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं बाढ़ राहत शिविर का आयोजन किया। 2 अगस्त, रविवार को आयोजित इस सेवा अभियान का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराना था।
यह दिनभर चलने वाला शिविर एलएमसीएच की स्टाफ प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ. चिन्मयी देवरी के मार्गदर्शन में इंटर्न डॉक्टरों द्वारा आयोजित किया गया। इस मानवीय पहल में एलएमसीएच के प्रोफेसरों, चिकित्सकों, कर्मचारियों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं तथा लखीमपुर कैंसर सेंटर के बी.एससी. नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने आर्थिक एवं अन्य प्रकार से महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
शिविर के दौरान 460 से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ-साथ आवश्यक दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की गईं। बाढ़ के कारण उत्पन्न होने वाली विभिन्न बीमारियों की रोकथाम एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी लोगों को दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ राहत कार्य के तहत 215 बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, दाल, नमक, चीनी, आटा, साबुन, डिटर्जेंट, मोमबत्ती, ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल तथा सैनिटरी पैड सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इससे प्रभावित परिवारों को कठिन परिस्थितियों में बड़ी राहत मिली।
कार्यक्रम में एलएमसीएच के प्राचार्य एवं मुख्य अधीक्षक डॉ. प्रांजल तहबिलदार, अधीक्षक डॉ. रक्तिम बरुआगोहाईं, अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. किरण सोनोवाल तथा डॉ. गुंजुरानी दत्ता ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए अभियान का उत्साहवर्धन किया। इसके अतिरिक्त स्नातकोत्तर छात्र, इंटर्न डॉक्टर, मेडिकल छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवक तथा एलएमसीएच फार्मासिस्ट समाज के दीपेन हजारिका एवं उनके सहयोगी दल ने दवाइयों के वितरण और राहत सामग्री पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अभियान ने यह सिद्ध किया कि चिकित्सा सेवा केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा और संकट की घड़ी में समाज के बीच पहुंचकर जरूरतमंद लोगों की सेवा करना भी चिकित्सा पेशे का महत्वपूर्ण दायित्व है। एलएमसीएच के डॉक्टरों और विद्यार्थियों ने करुणा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को व्यवहार में उतारते हुए मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य न केवल राहत पहुंचाते हैं, बल्कि कठिन समय में लोगों के भीतर विश्वास और आशा का संचार भी करते हैं। एलएमसीएच परिवार का यह अभियान चिकित्सा संस्थानों की सामाजिक प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।