शिलचर। शिलचर के होली क्रॉस हायर सेकेंडरी स्कूल को लेकर चल रहा विवाद करीब दो महीने बाद एक बार फिर गरमा गया है। स्कूल की प्राचार्या और संबंधित कक्षा शिक्षिका ने हाल ही में पत्रकार सम्मेलन कर अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। इसके जवाब में शिकायतकर्ता छात्र के परिवार ने भी मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए स्कूल प्रबंधन के दावों पर कई सवाल उठाए हैं।
परिवार का आरोप है कि यदि घटना के दिन ही स्कूल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज दिखाकर स्थिति स्पष्ट कर दी होती, तो विवाद इतना नहीं बढ़ता। परिवार के अनुसार, उन्होंने शुरुआत में कानूनी कार्रवाई का रास्ता नहीं अपनाया था, बल्कि पहले स्कूल प्रबंधन की ओर से ही थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। छात्र की मां ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें थाने बुलाकर फेसबुक पर साझा किया गया एक वीडियो हटाने के लिए कहा गया था।
परिवार ने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में कोई अनियमितता नहीं हुई थी, तो स्कूल प्रबंधन को अपनी स्थिति स्पष्ट करने में करीब दो महीने क्यों लगे? वहीं, स्कूल की प्राचार्या और कक्षा शिक्षिका का कहना है कि घटना के बाद वे मानसिक रूप से काफी परेशान थीं और कुछ दिनों तक अवकाश पर रही थीं।
छात्र की मां का एक अन्य आरोप है कि थाने की घटना के अगले दिन उनके बेटे को करीब 45 मिनट तक कक्षा के बाहर खड़ा रखा गया और एक शिक्षिका ने उसके प्रति कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की। उनका कहना है कि इसके बाद ही परिवार ने कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया।
परिवार ने पिछले शुक्रवार को आयोजित स्कूल प्रबंधन के पत्रकार सम्मेलन में शिकायतकर्ता छात्र की पहचान कथित रूप से उजागर किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। परिवार के अनुसार, इससे बाल अधिकारों और कानून से जुड़े गंभीर सवाल उठते हैं।
फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। साथ ही, मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर मजिस्ट्रेट स्तर की जांच भी जारी है। शिकायतकर्ता परिवार ने कहा है कि उन्हें जांच एजेंसियों और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। परिवार की मांग है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई सामने लाई जाए।