प्रीतम दास हाइलाकांदी, १२ अक्टूबर: विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसिक कल्याण के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से हाइलाकांदी जिले के कोयाह गाँव स्थित मुक्तियुद्धा नोंकी घटोवाल आदर्श विद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ACRD SBI संजीवनी हाइलाकांदी टीम की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के कुल ९९ विद्यार्थियों ने भाग लिया।कार्यक्रम के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) के चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित अग्रवाल ने ‘विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों में देखी जाने वाली विभिन्न सामान्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं विशेषकर मानसिक तनाव और चिंता के कारणों लक्षणों तथा उनके संभावित प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मानसिक तनाव और चिंता विद्यार्थियों की पढ़ाई, व्यवहार एकाग्रता तथा समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मानसिक समस्याओं की समय रहते पहचान करने और आवश्यकता के अनुसार उचित सहायता प्राप्त करने से विद्यार्थी प्रतिकूल परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं।उन्होंने स्वस्थ सामाजिक संबंध बनाए रखने, सकारात्मक आदतें विकसित करने पढ़ाई से जुड़े दबाव को संभालने तथा मानसिक तनाव को नियंत्रित करने के प्रभावी उपाय अपनाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही।उन्होंने मानसिक समस्याओं की अनदेखी न करने उनके बारे में खुलकर बातचीत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों, शिक्षकों या स्वास्थ्यकर्मियों से परामर्श लेने के महत्व को भी रेखांकित किया।
इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना तथा दैनिक जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वस्थ और प्रभावी उपाय अपनाने हेतु उन्हें प्रोत्साहित करना था।इसके अतिरिक्त इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि विद्यालय में ऐसा सहयोगपूर्ण और संवेदनशील वातावरण विकसित किया जाए, जहाँ विद्यार्थी बिना किसी झिझक के अपनी मानसिक समस्याओं को साझा कर सकें तथा आवश्यकता के अनुसार उचित सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकें।विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ उनके समग्र कल्याण मानसिक सुदृढ़ता और सकारात्मक विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।