हाइलाकांदी में चुनावी तैयारियां तेज, संयुक्त प्रशिक्षण में समन्वय व सतर्कता पर ज़ोर: जिला आयुक्त अभिषेक जैन

हाइलाकांदी में चुनावी तैयारियां तेज, संयुक्त प्रशिक्षण में समन्वय व सतर्कता पर ज़ोर: जिला आयुक्त अभिषेक जैन
प्रीतम दास हाइलाकांदी, २६ मार्च: आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए हाइलाकांदी जिले में तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी क्रम में हाइलाकांदी के जिला निर्वाचन अधिकारी सह जिला आयुक्त श्री अभिषेक जैन (आईएएस) ने विभिन्न ज़ोन एवं सेक्टर के पुलिस तथा असैनिक बलों के अधिकारियों के लिए आयोजित एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया।जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चुनावी दायित्वों में तैनात अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनाव संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखना मतदान केंद्रों की सुरक्षा संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीतियों पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान जिला आयुक्त श्री जैन ने कहा कि स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पुलिस एवं असैनिक बलों के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्णत सजग रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही कदापि स्वीकार नहीं की जाएगी।इसके अतिरिक्त उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया। चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक कार्य पारदर्शिता निष्पक्षता एवं विधि सम्मत ढंग से संपन्न हो इस संबंध में भी उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया। विशेष रूप से संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहाजनता का विश्वास अर्जित करना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। एक शांतिपूर्ण एवं विश्वसनीय चुनाव के माध्यम से हम इस विश्वास को और अधिक सुदृढ़ कर सकते हैं।उल्लेखनीय है कि इस संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चुनाव से जुड़े सभी बलों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना दायित्वों के स्पष्ट विभाजन को सुनिश्चित करना तथा त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करना था। साथ ही जमीनी स्तर पर चुनावी कार्यों को अधिक कुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश भी प्रदान किए गए।जिला प्रशासन की इस पहल को चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संबंधित सूत्रों के अनुसार इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं निर्बाध मतदान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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