हाइलाकांदी जिले में कोविड ​​-19 मामलों की संख्या धीरे-धीरे वृद्धि के मद्देनजर जिला प्रशासन ने इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को रखने की व्यवस्था की

प्रे,सं, हाइलाकांदी, 30 अप्रैल: हाइलाकांदी जिले में कोविड ​​-19 मामलों की संख्या धीरे-धीरे वृद्धि के मद्देनजर जिला प्रशासन ने इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को रखने की व्यवस्था की है। गुरुवार को यहां जिला उपायुक्त कार्यालय के कन्फारेंस हॉल में पत्रकार सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए उपायुक्त मेघ निधि दहल ने कहा कि एसके रॉय सिविल अस्पताल में बेड की क्षमता जो 34 पर है, लेकिन सहयोग करने के लिए आगे बढ़कर 80 बिस्तर की व्यवस्था अस्पताल के ठीक पीछे नर्सों के कैंपस में की जाएगी।

उन्होंने कहा कि डायट इंस्टिट्यूट को 130 से 140 की शैय्या क्षमता वाले सिबिल अस्पताल का एनेक्सी बनाया जाएगा। इसके अलावा आलगापुर अस्पताल एवं धलाई-मलाई अस्पताल 70-75 के बिस्तर की क्षमता है। यदि आवश्यकता पड़ी तो कोविड रोगियों को रखने की व्यवस्था करने के लिए पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट एवं एचपीसी गेस्ट हाउस सहित अन्य संस्थानों को परिवर्तित किया जाएगा। श्री दहल ने कहा कि कुल 104 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिनमें कोविड रोगियों के लिए 50 ऑक्सीजन केंद्रित बेड शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर कोविड ​​मामलों के इलाज के लिए प्रशासन ने शिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के साथ करार किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने असम सरकार द्वारा जारी किए गए एसओपी के अनुसार, रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक रात के कर्फ्यू को लागू किया गया है और शाम 6 बजे से बाजार स्थानों सहित सभी प्रतिष्ठानों को बंद किया जा रहा है। आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, कर्फ्यू के दौरान किसी भी व्यक्ति की आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 मामलों में तेजी के मद्देनजर लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह करते हुए दहल ने कहा कि शादियों के आयोजन या अंतिम संस्कार करने या अंतर-जिला या अंतर-जिला आंदोलनों के लिए कोई अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने और मास्क नहीं पहनने वालों पर 1हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा।
 इधर हाइलाकांदी जिला प्रशासन ने कोविड-19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने और जिले में वायरस के तेजी से प्रसार को रोकने के लिए सार्कल स्तर टास्क फोर्स का गठन किया है। जिला उपायुक्त तथा चेयरमैन डीडीएमए मेघ निधि दहल ने गुरुवार को इस आशय का आदेश जारी किया। सार्कल स्तर टास्क फोर्स में सार्कल अधिकारी, पुलिस स्टेशन के प्रभारी, खंड विकास अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएचसी के प्रभारी और शहरी क्षेत्रों में प्रभारी यूएचसी शामिल हैं।

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