हाइलाकांदी ज़िले के श्री किशन सरदा कॉलेज (एसएस कॉलेज) में छात्र-छात्राओं के दाखिले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बीच तीव्र विवाद देखने को मिला।
आज जहां एबीवीपी कार्यकर्ता कॉलेज प्राचार्य के कक्ष के सामने धरने पर बैठे, वहीं एनएसयूआई से जुड़े छात्रसंघ के सभी स्तर के पदाधिकारी कॉलेज गेट के सामने विरोध में बैठ गए।
कॉलेज छात्रसंघ के सह-सचिव ऋक धर ने कहा कि एसएस कॉलेज में पिछले कई वर्षों से दाखिले की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि बार-बार आंदोलन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। अगर इस बार भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो एनएसयूआई बड़े आंदोलन का आह्वान करेगा।
दूसरी ओर, एबीवीपी सदस्यों का कहना है कि यूजीसी गाइडलाइंस के मुताबिक एक शिक्षक के ऊपर 20 छात्रों की जिम्मेदारी होनी चाहिए, लेकिन कॉलेज की हालत यह है कि एक-एक कक्षा में 100 से 150 छात्र बैठ रहे हैं। शिक्षक की भारी कमी के बावजूद एनएसयूआई की मांगें अव्यवहारिक और अनुचित हैं, जिसे एबीवीपी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को “भ्रामक प्रचार” से दूर रहने की चेतावनी भी दी।