सेना पब्लिक स्कूल तेजपुर में ‘टारंग २०२६’ का भव्य शुभारंभ

तेजपुर: युवाओं में प्रतिभा, रचनात्मकता और समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गजराज कोर द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतर-विद्यालयी सांस्कृतिक उत्सव ‘टारंग २०२६’ का मंगलवार को सेना पब्लिक स्कूल, तेजपुर में भव्य शुभारंभ हुआ। उत्सव में सोनितपुर जिले के २५ विद्यालयों के करीब ८०० विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।

‘युवा शक्ति, संस्कृति और सृजन से नवभारत निर्माण’ की थीम पर आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा प्रतिस्पर्धा, सहयोग और रचनात्मकता के माध्यम से व्यक्तित्व विकास का अवसर प्रदान करना है।

उद्घाटन समारोह में गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला, एवीएसएम, एसएम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षाविदों तथा विभिन्न प्रतिभागी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से हुई। इसके बाद ‘टारंग’ की रोलिंग ट्रॉफी का अनावरण किया गया, जो उत्कृष्टता, दृढ़ता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का प्रतीक है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला ने उन्हें चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने, स्वतंत्र रूप से सोचने तथा अनुशासन, साहस, आलोचनात्मक चिंतन, ईमानदारी और दृढ़ता जैसे गुणों को अपने जीवन में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने महाभारत, रावण के दस मुखों के प्रतीक और डिजिटल युग की चुनौतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि मजबूत चरित्र और जिम्मेदार निर्णय ही देश के भविष्य को दिशा दे सकते हैं।

उन्होंने कहा, “परंपरा से प्रेरणा, सृजन से नवाचार और युवा शक्ति से विकसित भारत।”

टारंग २०२६ सेना, शिक्षण संस्थानों और विद्यालयों के बीच सहयोग का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है। इस आयोजन में गजराज कोर द्वारा गोद लिए गए गांव पारोवा के बच्चों की भागीदारी ने समावेशिता और सामुदायिक जुड़ाव की भावना को भी मजबूत किया।

चार दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक, खेलकूद और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, दृढ़ता और सौहार्द की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

गजराज कोर की यह पहल युवाओं को सशक्त बनाने, समुदाय के साथ जुड़ाव मजबूत करने और नई पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह पहल ‘विकसित भारत @२०४७’ के लक्ष्य में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।

“प्रतिभा का मंच, संस्कृति का संगम और नवभारत की ओर बढ़ती युवा शक्ति।”

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