हर पल
साथ निभाने को
कसम खाई हो
पर अंधेरे मे
कभी नही आई हो
उजालों मे
हरदम साथ निभाई हो
पर अंधेरे मे
कभी नजर नही आई हो
यह सुन वो बोली
मै इंसानों की मतलबी
फितरत को जानती हूं
इसलिए
अपना कसम नही तोड़ती हूं
रंग बदलने की नीति
कभी नही अपनाई है
इसलिए मेरा नाम परछाई है
पवन कुमार शर्मा (शिक्षक)
साहित्यकार व पूर्व पत्रकार
दुमदुमा (असम)
मो.नं.9954327677