सादिया ने बाढ़ की तैयारी मज़बूत की; 87 कमज़ोर गांवों और 45 राहत कैंप की पहचान की गई

सादिया ने बाढ़ की तैयारी मज़बूत की; 87 कमज़ोर गांवों और 45 राहत कैंप की पहचान की गई

सादिया: आने वाले मॉनसून सीज़न और इलाके में बाढ़ के बार-बार आने वाले खतरे को देखते हुए, सादिया सब-डिवीजनल एडमिनिस्ट्रेशन ने समय पर कार्रवाई और लोगों की सुरक्षा पक्का करने के लिए बाढ़ की तैयारी के अपने उपायों को तेज़ कर दिया है। ऑफिशियल सूत्रों के मुताबिक, बाढ़ की तैयारी का एक पूरा प्लान बनाया गया है, जिसमें पूरे सब-डिवीजन में बाढ़ की आशंका वाले और कमज़ोर 87 गांवों की पहचान की गई है। इसके अलावा, एडमिनिस्ट्रेशन ने इमरजेंसी के दौरान प्रभावित लोगों को रहने की जगह, खाना और ज़रूरी सर्विस देने के लिए 45 राहत कैंप और राहत बांटने के सेंटर तय किए हैं।
एडमिनिस्ट्रेशन ने बाढ़ के हालात में बिना रुकावट इमरजेंसी सर्विस पक्का करने के लिए वॉटर रिसोर्स, हेल्थ, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, वेटनरी और डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटीज़ समेत अलग-अलग लाइन डिपार्टमेंट के साथ कोऑर्डिनेशन भी शुरू किया है। पीने का साफ़ पानी, मेडिकल मदद, बचाव के सामान और जानवरों की सुरक्षा पर खास ज़ोर दिया गया है। अधिकारियों ने कथित तौर पर संबंधित डिपार्टमेंट को हाई अलर्ट पर रहने और राहत सामग्री का काफ़ी स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के दौरान लोगों को निकालने के तरीकों, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और सेफ्टी प्रोटोकॉल के बारे में बताने के लिए कमज़ोर इलाकों में अवेयरनेस कैंपेन चलाए जा रहे हैं। अगर पानी का लेवल बढ़ता है तो रेस्क्यू टीम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट को भी तुरंत तैनात करने के लिए तैयार रखा जा रहा है।
प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों से किसी भी इमरजेंसी में निकालने के प्रोसेस के दौरान सतर्क रहने और अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। असम के बाढ़ वाले पूर्वी इलाके में बसा सादिया, ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में पानी का लेवल बढ़ने की वजह से मानसून के दौरान अक्सर गंभीर बाढ़ का सामना करता है। तैयारी के नए उपायों का मकसद जान-माल के नुकसान को कम करना है, साथ ही अगर बाढ़ का पानी प्रभावित इलाकों में भर जाता है तो तेज़ी से राहत और पुनर्वास के काम पक्के करना है।

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