सप्तदिवसीय संस्कृत-संभाषण कार्यशाला का सफल समापन

सप्तदिवसीय संस्कृत-संभाषण कार्यशाला का सफल समापन
बोड़ोलैण्ड विश्वविद्यालय के असमीया विभाग में “संस्कृत संभाषण कार्यशाला” का आयोजन 16 मार्च से 22 मार्च तक किया गया था। इस कार्यक्रम का समापन समारोह 31 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय के सम्मानित उपाचार्य प्रोफेसर बी. एल. आहूजा और सम्मानित भाषागुरु प्रोफेसर प्रदीप कुमार पात्र की उपस्थिति में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर विभाग के सहकारी अध्यापक डॉ. विभूति लोचन शर्मा (कार्यशाला के आह्वायक और प्रशिक्षक), डॉ. डेइजी राणी डेका (कार्यशाला की   संयुक्त समन्वयक), डॉ. दीपामणि बैश्य (कार्यशाला की   संयुक्त समन्वयक), डॉ. रातुल डेका और अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया।
उपाचार्य महोदय ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया और सभी प्रतिभागियों ने संस्कृत भाषा में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर स्तोत्रपाठ, संस्कृत-गीत, सरस्वती-वंदना, परिचयकथन, संस्कृत नाटक, अनुभव कथन, दीनचर्या कथन, संस्कृत में संवाद, संख्या पाठन, समय पाठन, वजार में संस्कृत भाषाणकी व्यवहार आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उपाचार्य महोदय ने अपने भाषण में संस्कृत भाषा के महत्व और इसके निरंतर अभ्यास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। माननीय भाषागुरु प्रोफेसर प्रदीप कुमार पात्र ने संस्कृत भाषा की आवश्यकता और इसके महत्व को बताते हुए प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रोफेसरों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। समापन समारोह का धन्यवाद ज्ञापन असमीया विभाग की सहकारी अध्यापिका डॉ. दीपामणि बैश्य ने किया।

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