सिंह LEO (म, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शुभरंग
भगवा व सफेद,
भगवा व सफेद,शुभ अंक
1,
1,शुभधातु
स्वर्ण,
स्वर्ण,शुभरत्न
माणिक,
माणिक,शुभदिन
रविवार,
रविवार,शुभ तारीख
1, 10, 19, 28,
1, 10, 19, 28,इष्ट
सूर्य व हनुमान,
सूर्य व हनुमान,मित्र राशि
मिथुन, कन्या, मेष, धनु,
मिथुन, कन्या, मेष, धनु,शत्रु राशि
वृष, तुला, मकर, कुम्भ,
वृष, तुला, मकर, कुम्भ,सकारात्मक तथ्य
खुल दिल-दिमाग वाला, उदार हृदय, गर्मजोशी,
खुल दिल-दिमाग वाला, उदार हृदय, गर्मजोशी,नकारात्मक तथ्य
घमण्डी, अति आत्मविश्वास, अति महत्त्वाकांक्षी,
घमण्डी, अति आत्मविश्वास, अति महत्त्वाकांक्षी,शुभत्व के लिये
सूर्य के अर्घ्य चढ़ावे,
सूर्य के अर्घ्य चढ़ावे,शुभमास
वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक,
वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक,सामान्य मास
चैत्र,
चैत्र,अशुभ मास
श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, मार्गशीर्ष, पौष, माघ।
श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, मार्गशीर्ष, पौष, माघ।राशि स्वामी सूर्य है।
सिंह जातक तीव्र बुद्धिमान, स्वाभिमानी, उच्च-अभिलाषी, उदार-हृदय, निडर व आत्मविश्वास से भरपूर, धैर्यवान, उद्यमी, पराक्रमी, गंभीर प्रक़ति, न्याय प्रिय, संवेदनशील, आशावादी दृष्टिकोण, नेतृत्व व संचालन करने की क्षमता, अधिकार पूर्ण वाणी का प्रयोग करने वाला, अपने परिवार की उन्नति के लिये विशेष संघर्ष करने वाला, परिश्रमी, परिस्थिति अनुसार स्वयं को ढाल लेने की प्रकृति, स्पष्टवादी, स्वतंत्र व प्रगतिशील विचारों का अनुयायी, ये किसी प्रकार के बंधन या आधीनता में काम करना पसंद नही करते, भ्रमण प्रिय अर्थात सुदूर देश विदेश में यात्रा करने का शौक होगा। सामान्यतः सिंह जातक उदारता से व्यवहार करते है परन्तु स्वभाव में उग्रता रखते हैं और कई बार आवेश व क्रोध में लाभ की जगह अपनी हानि कर लेते है। आत्म-प्रदर्शन व अत्यधिक हठ भी इनके लिये हानिकारक होती है।
सभी मामलों में ऊर्जावान बने रहते हैं। शांति, संयम, क्रोध भी उतना ही रखते हैं। मानसिक वैचारिक द्वंद्व बना रहता है। निष्कर्ष में संघर्ष होता है। शारीरिक, मानसिक हिम्मत, साहस भी स्वयं को रखना होता है। जातिगत, सामाजिक बंधनों के बजाय स्वयं की अलग पहचान चाहते हैं।
थोड़ा विस्तृत देख जाए तो ये जातक जीवन से प्रेम करते हैं, परन्तु उसे स्वयं ही संघर्षपूर्ण भी बना लेते हैं। सृजनात्मक कलाओं के अच्छे प्रशंसक होते हैं। उनकी आवश्यकताएं बहुत तथा खर्चीली होती हैं। पैसा टिकता नहीं। व्यक्तित्व अत्यन्त आकर्षक होता है। उसे और भी अधिक आकर्षक बनाना चाहते हैं। जीवन को पूरी शान के साथ जीना चाहते हैं और इसके लिए अपनी शक्ति का अपव्यय कर बैठते हैं। सिंह राशि के लोग केवल स्वयं ही शक्तिशाली नहीं होते अपितु वे अपनी शक्ति को दूसरों पर प्रक्षेपित भी किया करते हैं। वे अपने को प्रकाशित करने में कभी-कभी अजीब कठोरता का प्रदर्शन भी कर बैठते हैं। वे चाहते हैं कि अन्य लोग केवल उन्हीं को सुनें। सिंह राशि के लोगों को एकरसता पसन्द नहीं होती है। वे महत्वाकांक्षी, उज्ज्वल चरित्र वाले तथा लगनशील व्यक्ति होते हैं, परन्तु उनकी इच्छा यही रहती है कि पूर्वाधार का निर्माण कोई दूसरा ही कर दे, जिस पर वह स्वतन्त्रतापूर्वक स्वयं चल सकें। स्वतंत्रता, मौलिकता, लक्ष्य-प्राप्ति के लिए आत्म बलिदान की इच्छा सिंह राशि का प्रमुख गुण है। सिंह राशि वाले लोग अपने श्रोताओं के बीच बड़े विश्वास के साथ खड़े होते हैं। नाटक, अध्ययन तथा भाषण आदि के क्षेत्र में वे पर्याप्त उन्नति करते हैं। आतिथ्य करने की उनमें एक स्वाभाविक क्षमता होती है। वे अपने खर्च पर भी दूसरों को प्रसन्न करना चाहते हैं, दूसरों के प्रति जितनी अधिक गुण ग्राहकता का प्रदर्शन करते हैं, स्वयं भी उतनी ही अधिक प्रशंसा प्राप्त करते हैं। सिंह राशि के लोगों के विचार संतुलित तथा रचनात्मक होते हैं। वे अपने से बड़ी आयु के लोगों से भी विचारशील होते हैं। उत्सव, समारोह आदि सम्पन्न करने में अत्यन्त कुशल होते हैं। अपने मित्रों तथा परिचितों पर उनका प्रभाव पड़ता है। ईमानदार तथा लड़ाकू होते हैं। दूसरों को अपने अनुग्रहों द्वारा सुखी बनाना उन्हें अच्छा लगता है। आज्ञा देना उनके स्वभाव के अनुकूल होता है। आज्ञा प्राप्त करना उन्हें रुचिकर नहीं लगता। सिंह राशि वालों में अनेक प्रतिभाओं के बीज होते हैं, परन्तु उन्हें निरन्तर प्रेरणा की आवश्यकता होती है तथा उसके लिए मूल्य भी चुकाना पड़ता है। उन्हें सुख तथा शान्ति की प्राप्ति अपने ही भीतर से होती है, बाहर से नहीं होती। सिंह राशि वालों के रहस्य रचनात्मक प्रकृति के होते हैं। उनके हृदय में गुप्त घृणा अथवा गुप्त पक्षपात को कोई स्थान नहीं मिलता है। वह अपने भेदों का उपयोग लाभ के लिए करते हैं। सिंह राशि वालों को चहल-पहल की आवश्यकता अनुभव होती है। उनके धन का भण्डार भरा रहना चाहिए, जिसे वह उदारतापूर्वक खर्च करते हैं। खाली हाथ पकड़े जाने का भय उन्हें बहुत चिन्तित रखता है। सिंह राशि के लोग किसी संस्था के अध्यक्ष पद के लिए सर्वोत्तम रहते हैं। यह अन्य लोगों के आकर्षण के केन्द्र होते हैं।
सन 2025 मे सिंह राशि जातको का स्वास्थ्य
वर्ष 2025 में आपका स्वास्थ्य काफी सामान्य रहेगा। वर्ष के शुरुआती भाग जनवरी से अप्रैल तक के समय में स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ेगा। मधुमेह के रोगियों को स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। इसीलिये आपको अपने खानपान पर काफी ध्यान देना चाहिये। 29 मार्च को शनि आपके पञ्चम भाव में दृष्टिपात करेंगे जिसके कारण पेट में गैस और पाचन सम्बन्धी परेशानी होने के योग बन रहे हैं। आपकी इम्यूनिटी अच्छी रहेगी। लेकिन नवम्बर-दिसम्बर के आसपास आप शरीर में थकावट और दर्द की शिकायत हो सकती है। भोजन में स्वाद के बजाय गुणकारी और पोषक तत्वों को अवश्य शामिल करें।
वर्ष 2025 में आपका स्वास्थ्य काफी सामान्य रहेगा। वर्ष के शुरुआती भाग जनवरी से अप्रैल तक के समय में स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ेगा। मधुमेह के रोगियों को स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। इसीलिये आपको अपने खानपान पर काफी ध्यान देना चाहिये। 29 मार्च को शनि आपके पञ्चम भाव में दृष्टिपात करेंगे जिसके कारण पेट में गैस और पाचन सम्बन्धी परेशानी होने के योग बन रहे हैं। आपकी इम्यूनिटी अच्छी रहेगी। लेकिन नवम्बर-दिसम्बर के आसपास आप शरीर में थकावट और दर्द की शिकायत हो सकती है। भोजन में स्वाद के बजाय गुणकारी और पोषक तत्वों को अवश्य शामिल करें।आर्थिक स्थिति
इस वर्ष आपको अपने काम में बड़ा विस्तार करने का अवसर मिलेगा। लोग आपकी सहायता करने को उत्सुक रहेंगे। जिसको लेकर आप कर्ज या ऋण भी ले सकते हैं। अप्रैल के बाद एक पुराने ऋण से आपको मुक्ति मिल सकती है। लेकिन यह वर्ष उन लोगों के लिये बहुत अच्छा है जो अभी तक आर्थिक रूप से स्थिर नहीं हुये हैं। उन्हें कार्यक्षेत्र में बहुत बड़ा सम्मान मिल सकता है। लेकिन फिर भी व्यापारिक एग्रीमेन्ट आदि सावधानी पूर्वक करें। जुलाई से सितम्बर माह के मध्य का समय नये निवेश को लेकर शुभ नहीं रहेगा। टैक्स और प्रॉपर्टी रेन्ट आदि को लेकर फरवरी और मार्च में कुछ समस्या रहेगी।
इस वर्ष आपको अपने काम में बड़ा विस्तार करने का अवसर मिलेगा। लोग आपकी सहायता करने को उत्सुक रहेंगे। जिसको लेकर आप कर्ज या ऋण भी ले सकते हैं। अप्रैल के बाद एक पुराने ऋण से आपको मुक्ति मिल सकती है। लेकिन यह वर्ष उन लोगों के लिये बहुत अच्छा है जो अभी तक आर्थिक रूप से स्थिर नहीं हुये हैं। उन्हें कार्यक्षेत्र में बहुत बड़ा सम्मान मिल सकता है। लेकिन फिर भी व्यापारिक एग्रीमेन्ट आदि सावधानी पूर्वक करें। जुलाई से सितम्बर माह के मध्य का समय नये निवेश को लेकर शुभ नहीं रहेगा। टैक्स और प्रॉपर्टी रेन्ट आदि को लेकर फरवरी और मार्च में कुछ समस्या रहेगी।कौटुम्बिक एवं सामाजिक
इस वर्ष माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सन्तान को करियर में शानदार अवसर मिलने के योग बन रहे हैं। अपनी समस्याओं को मित्रों से अवश्य साझा करें। जून से सितम्बर मध्य के बीच मित्रों से भी कुछ अनबन हो सकती है। जिसे आप बातचीत द्वारा सुलझा लेंगे। परिवार पर आपको ध्यान देते रहना पड़ेगा। आपको छोटी-छोटी बातें भी काफी प्रभावित करेंगी। जिसके कारण आप गुस्सा हो सकते हैं। ऐसे में शब्दों का चयन संयमपूर्वक करें। मित्रों के ऊपर ज्यादा विश्वास करना आपके ऊपर भारी भी पड़ सकता है।
इस वर्ष माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सन्तान को करियर में शानदार अवसर मिलने के योग बन रहे हैं। अपनी समस्याओं को मित्रों से अवश्य साझा करें। जून से सितम्बर मध्य के बीच मित्रों से भी कुछ अनबन हो सकती है। जिसे आप बातचीत द्वारा सुलझा लेंगे। परिवार पर आपको ध्यान देते रहना पड़ेगा। आपको छोटी-छोटी बातें भी काफी प्रभावित करेंगी। जिसके कारण आप गुस्सा हो सकते हैं। ऐसे में शब्दों का चयन संयमपूर्वक करें। मित्रों के ऊपर ज्यादा विश्वास करना आपके ऊपर भारी भी पड़ सकता है।प्रणय जीवन
वर्ष का पूर्वार्ध प्रेम विवाह के लिये हितकर नहीं रहेगा। लेकिन वर्ष के अन्तिम महीने इसके लिये हितकारी सिद्ध होंगे। इस वर्ष दाम्पत्य जीवन को लेकर आप भाग्यशाली रहेंगे। जीवनसाथी के साथ नजदीकियों में वृद्धि होगी। लेकिन जिन लोगों का विवाह तय नहीं हुआ है उनके लिये वर/वधू खोजने में परिजनों को थोड़ी असुविधा होगी। प्रेम सम्बन्धों के लिये वर्ष सामान्य रहेगा। मई-जून के महीने के आसपास प्रेमी जोड़ों के बीच किसी कारण मनमुटाव हो सकता है।
वर्ष का पूर्वार्ध प्रेम विवाह के लिये हितकर नहीं रहेगा। लेकिन वर्ष के अन्तिम महीने इसके लिये हितकारी सिद्ध होंगे। इस वर्ष दाम्पत्य जीवन को लेकर आप भाग्यशाली रहेंगे। जीवनसाथी के साथ नजदीकियों में वृद्धि होगी। लेकिन जिन लोगों का विवाह तय नहीं हुआ है उनके लिये वर/वधू खोजने में परिजनों को थोड़ी असुविधा होगी। प्रेम सम्बन्धों के लिये वर्ष सामान्य रहेगा। मई-जून के महीने के आसपास प्रेमी जोड़ों के बीच किसी कारण मनमुटाव हो सकता है।शिक्षा और करियर
वर्ष का शुरुआती भाग शिक्षा और करियर के लिये सकारात्मक रहने वाला है। आप काफी आक्रामकता के साथ अपने काम को आगे बढ़ाने में लगे रहेंगे। तकनीकी का उन्नत प्रयोग करने से आपकी कार्यक्षमता और परिणामों में भी सफलता मिलेगी। शनि की साढ़े साती के प्रभाव में आने के कारण अप्रैल से जुलाई के बीच सरकारी जॉब कर रहे लोगों को इस वर्ष विवादों को लेकर सावधान रहना चाहिये। गुप्त शत्रु आपको कार्यक्षेत्र में परेशान करने का प्रयास करेंगे। करियर को लेकर जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। मई माह में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतरीन सफलता मिल सकती है।
वर्ष का शुरुआती भाग शिक्षा और करियर के लिये सकारात्मक रहने वाला है। आप काफी आक्रामकता के साथ अपने काम को आगे बढ़ाने में लगे रहेंगे। तकनीकी का उन्नत प्रयोग करने से आपकी कार्यक्षमता और परिणामों में भी सफलता मिलेगी। शनि की साढ़े साती के प्रभाव में आने के कारण अप्रैल से जुलाई के बीच सरकारी जॉब कर रहे लोगों को इस वर्ष विवादों को लेकर सावधान रहना चाहिये। गुप्त शत्रु आपको कार्यक्षेत्र में परेशान करने का प्रयास करेंगे। करियर को लेकर जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। मई माह में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतरीन सफलता मिल सकती है।उपाय
(1) बुधवार को पीपल के वृक्ष के नीचे चौमुखी दीपक जलायें और मछलियों, चींटियों को दाना डालें
(1) बुधवार को पीपल के वृक्ष के नीचे चौमुखी दीपक जलायें और मछलियों, चींटियों को दाना डालेंउपाय
(2) वर्षभर शनि की अशुभ दृष्टि के निवारण हेतु हर शनिवार को शनि मन्दिर में तेल, तिल चढ़ाना और ‘शनि स्तोत्रम्’ का पाठ करना शुभ रहेगा।
(2) वर्षभर शनि की अशुभ दृष्टि के निवारण हेतु हर शनिवार को शनि मन्दिर में तेल, तिल चढ़ाना और ‘शनि स्तोत्रम्’ का पाठ करना शुभ रहेगा।उपाय
(3) हर संक्रान्ति को ‘सूर्य गायत्री मन्त्र’ की एक माला तथा सूर्यार्घ्य देवें तथा धर्मस्थान पर आटा, गुड़, लाल फल एवं लाल वस्त्र का दान शुभ होगा।
(3) हर संक्रान्ति को ‘सूर्य गायत्री मन्त्र’ की एक माला तथा सूर्यार्घ्य देवें तथा धर्मस्थान पर आटा, गुड़, लाल फल एवं लाल वस्त्र का दान शुभ होगा।उपाय
(4) जन्मदिन पर जन्मदिन पूजन करवाकर अष्ट-दीर्घजीवी आचार्यों का पूजन करें।
(4) जन्मदिन पर जन्मदिन पूजन करवाकर अष्ट-दीर्घजीवी आचार्यों का पूजन करें।उपाय
(5) श्री गणेशजी की प्रार्थना, पूजा उपयोगी रहेगी। विशेष तौर पर सायंकालीन पूजन-दर्शन से लाभ यात्रा दर्शन अथवा कुछ संकल्प, कष्ट से दर्शन-पूजन राहत बढ़ाएंगे।
(5) श्री गणेशजी की प्रार्थना, पूजा उपयोगी रहेगी। विशेष तौर पर सायंकालीन पूजन-दर्शन से लाभ यात्रा दर्शन अथवा कुछ संकल्प, कष्ट से दर्शन-पूजन राहत बढ़ाएंगे।उपाय
(6) मंगलवार को हनुमान जी के मन्दिर में घी का दीपक लगायें और प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।
(6) मंगलवार को हनुमान जी के मन्दिर में घी का दीपक लगायें और प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।Faujdar Tiwari 6394572299













