संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जिलाधिकारी ने लिया जायजा, आंगनवाड़ी सेवाओं का भी किया निरीक्षण

राहु दत्त शिलचर, 24 जूलाई। संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से गुरुवार को कछार जिला प्रशासन ने संयुक्त क्षेत्रीय निरीक्षण अभियान चलाया। इस निरीक्षण का नेतृत्व जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता (आईएएस) ने किया। उनके साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

निरीक्षण दल में अतिरिक्त जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रक्तिम बरुआ (एसीएस), अतिरिक्त जिलाधिकारी (समाज कल्याण) जागृति कालोवार (एसीएस), सहायक जिलाधिकारी पीयूष राज (आईएएस), जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, शिलचर सदर राजस्व चक्राधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) तथा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शालचापड़ा एवं तापांग एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) परियोजना के अंतर्गत संचालित कई आंगनवाड़ी केंद्रों का दौरा किया। यहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से संवाद कर केंद्रों की तैयारियों, उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति तथा आईसीडीएस सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष बल दिया गया।

इसके बाद जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर शालचापड़ा, शुक्तारा और पश्चिम कुमारपाड़ा क्षेत्र के संवेदनशील नदी तटबंधों तथा स्लुइस गेटों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों के साथ तटबंधों की वर्तमान स्थिति, उनके रखरखाव तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई के लिए सभी विभाग पूर्ण रूप से तैयार रहें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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