श्री भूमि माधव धाम में मातृ सम्मेलन का आयोजन, नारी शक्ति की भूमिका पर हुआ गहन विचार-विमर्श

शिलचर 28 दिसंबर: दक्षिण असम के पवित्र श्री भूमि माधव धाम में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक भव्य मातृ सम्मेलन (शक्ति सम्मेलन) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन मातृ मंडली द्वारा किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से आई मातृ शक्तियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के माध्यम से की गई, जिसके बाद सम्मेलन की औपचारिक कार्यवाही प्रारंभ हुई।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अर्चना दत्त सरकार, जिला परिषद सदस्य (ZPC) उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नारी केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मूल शक्ति है। उन्होंने महिलाओं से संगठित होकर सामाजिक दायित्व निभाने का आह्वान किया।सम्मेलन में विद्या भारती से संबद्ध शिक्षा संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही। शिशु वाटिका, शिक्षा विकास परिषद, संस्कार भारती भारती सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी मातृ शक्तियों ने सम्मेलन को सफल बनाया।इस अवसर पर राष्ट्रीय क्षेत्र समिति की प्रांत कार्यवाहिका स्निग्धा दास भी उपस्थित रहीं। उन्होंने नारी शक्ति, संस्कृति और शिक्षा के आपसी संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं चित्राली धर, संस्कृति एवं विज्ञान क्षेत्र से जुड़ी शिक्षाविद, ने भारतीय परंपरा में मातृ शक्ति के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में स्थानीय समाज से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। सम्मेलन पूरी तरह मातृ शक्तियों द्वारा संचालित रहा, जिसमें समाज निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका, संगठन की शक्ति और आत्मनिर्भरता पर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह मातृ सम्मेलन समाज को दिशा देने और नारी चेतना को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।