गाजे-बाजे और हाथी-घोड़े-ऊंट के साथ निकली शोभायात्रा, 7 नवंबर तक चलेगा महायज्ञ
गड़वार (बलिया)। पूज्यपाद संत शिरोमणि श्री जंगली बाबा के परिनिर्वाण शताब्दी महामहोत्सव के अवसर पर श्री जंगली बाबा धाम, गड़वार में बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हरिहरात्मक महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। श्री जंगली बाबा धाम सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में तथा स्वामी परमेश्वरानंद सरस्वती (उड़िया बाबा) के मुख्य संरक्षकत्व में आयोजित यह महायज्ञ 28 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलेगा।
कलश यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे, हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ निकली यह भव्य यात्रा हनुमानगढ़ी मंदिर से प्रारंभ हुई। श्रद्धालुओं ने मंदिर से जल भरकर कलश धारण किए और मुख्य बाजार, थाना चौराहा तथा गोविंदपुर होते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंचे। लगभग तीन किलोमीटर लंबी इस यात्रा में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु ‘ॐ नमः शिवाय’ और बाबा के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
यज्ञ स्थल पर पहुंचने के बाद प्रयागराज स्थित सच्चा बाबा आश्रम से पधारे मुख्य आचार्य डॉ. गंगाधर पांडेय ने सहयोगी आचार्यों के साथ पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश और अरणी मंथन की धार्मिक विधियां संपन्न कराईं। इस अवसर पर श्री जंगली बाबा मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर में पूजा-अर्चना पुजारी सुरेश उपाध्याय, संदीप और रूपेश सहित अन्य पुजारियों ने संपन्न कराई।
कार्यक्रम में आचार्य पंडित राहुल उपाध्याय, कठौड़ा धाम के महंत कृष्णदास ब्रह्मचारी, उदासीन मठ के नित्यानंद, नाल बाबा सत्यनारायण दास, काशी के आचार्य राजकिशोर मिश्रा, अतुल कृष्ण शांडिल्य, छोटेलाल उपाध्याय, सतीश उपाध्याय और राजाराम सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समाजसेवियों ने कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच फल और पेयजल का वितरण कर सेवा भाव का परिचय दिया।
महायज्ञ के अंतर्गत हरिद्वार से पधारे चिन्मयानंद बापू द्वारा यज्ञ स्थल पर निर्मित प्रवचन पंडाल में 1 नवंबर तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक श्रीराम कथा का प्रवचन किया जाएगा। महायज्ञ एवं धार्मिक आयोजनों को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है।