‘मेम्बर्स फोरम’ ने जिला आयुक्त और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का लिया निर्णय; मार्केट कॉम्प्लेक्स का विरोध
शिलचर, 24 अगस्त: भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की शिलचर जिला शाखा में कथित अव्यवस्था और लंबे समय से चले आ रहे संकट को लेकर आजीवन सदस्यों का एक वर्ग मुखर हो गया है। रविवार शाम ‘शिलचर रेडक्रॉस मेम्बर्स फोरम’ की पहल पर आयोजित बैठक में संस्था की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि रेडक्रॉस के पदेन अध्यक्ष एवं जिला आयुक्त राहुल कुमार गुप्ता को विभिन्न मांगों वाला ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। इसी तरह मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को भी ज्ञापन भेजा जाएगा।
फोरम की प्रमुख मांगों में रेडक्रॉस परिसर में नवनिर्मित 16 कमरों को किसी भी व्यक्ति के निजी उपयोग के लिए हस्तांतरित नहीं करने, करीब सात वर्षों से कथित तौर पर संवैधानिक प्रक्रिया के विपरीत चल रही एडहॉक कमेटी की व्यवस्था समाप्त करने तथा आमसभा के माध्यम से निर्वाचित कमेटी गठित करने की मांग शामिल है। सदस्यों ने पिछले दस वर्षों में रेडक्रॉस में हुए कार्यों और लिए गए निर्णयों का श्वेतपत्र जारी करने की भी मांग की।
बैठक में लगभग सात वर्ष पहले नए सदस्यों के नामांकन के लिए आवेदन लेने के बावजूद अब तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाए गए। सदस्यों ने पूर्व विधायक एवं रेडक्रॉस के पूर्व पदाधिकारी दीपायन चक्रवर्ती की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए संस्था के संचालन में कथित मनमानी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा लगाए गए हैं।
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक मिहिरलाल राय ने की। रेडक्रॉस के पूर्व उपाध्यक्ष शंकर दे ने कहा कि संस्था की अंतिम निर्वाचित कमेटी का कार्यकाल वर्ष 2020 में समाप्त हो गया था। इसके बाद से एडहॉक कमेटी के माध्यम से संस्था का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचित कमेटी के तत्कालीन सचिव दीपायन चक्रवर्ती बाद में एडहॉक कमेटी के सचिव बने और विधायक बनने के बाद भी पद पर बने रहे। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस अस्पताल की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और लंबे समय से ब्लड बैंक बंद पड़ा है।
शंकर दे ने रेडक्रॉस परिसर में बनाए गए ‘मार्केट कॉम्प्लेक्स’ पर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा रेडक्रॉस भवन के निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई राशि के अलावा एएनएम फंड से 60 लाख रुपये जोड़कर अलग उद्देश्य से मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला आयुक्त एवं रेडक्रॉस के पदेन अध्यक्ष राहुल कुमार गुप्ता को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
मुझीबुर रहमान बरभुइयां ने कहा कि रेडक्रॉस से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने कुछ वर्ष पहले आरटीआई दायर की थी, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। उन्होंने संस्था की स्थिति सुधारने के लिए राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से आवाज उठाने की अपील की।
जहर गांगुली ने आरोप लगाया कि रेडक्रॉस के मूल उद्देश्यों के अनुरूप पर्याप्त गतिविधियां नहीं हो रही हैं। नवद्वीप दास ने संस्था की स्थिति सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की।
सीमांत भट्टाचार्य ने कहा कि वर्ष 2017 के चुनाव के बाद से धीरे-धीरे संस्था में गतिरोध बढ़ता गया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि से निर्मित भवन के लंबे समय से उपयोग में नहीं आने तथा मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण में आजीवन सदस्यों की राय नहीं लिए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने शीघ्र चुनाव कराने की मांग की।
बिप्लव पालचौधरी ने रेडक्रॉस की वर्तमान स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उचित कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। देवदीप दत्त ने कहा कि किसी अस्थायी कमेटी द्वारा मार्केट कॉम्प्लेक्स को मंजूरी दिए जाने की वैधता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने रेडक्रॉस के संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
विश्वदीप गुप्ता ने पारदर्शिता पर जोर दिया, जबकि चिन्मय नाथ ने भविष्य में संस्था में किसी भी तरह के नियम-विरुद्ध कार्य को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की। बैठक में विश्वजीत देव, देवदुलाल मालाकार, राजीव धर, नांटू घोष, बिजन नाथ, अफतार हुसैन बरभुइयां सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।
अध्यक्षीय संबोधन में मिहिरलाल राय ने कहा कि रेडक्रॉस जैसी महत्वपूर्ण जनसेवी संस्था को बचाने और उसकी व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से प्रयास जारी रखना होगा। बैठक में संस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्वाचित व्यवस्था बहाल करने पर विशेष जोर दिया गया।