कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

रितेश नुनिया, शिलचर, 19 सितंबर। विमेंस कॉलेज, शिलचर में शनिवार को हिंदीभाषी समन्वय मंच एवं सहयोगी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले हाइलाकांदी के रूपनारायण राय, शिलचर के गिरजा शंकर अग्रवाल, सुहाग मनी बर्मन, चेरागी, श्रीभूमि की श्रीमती नीलम गोस्वामी, शिलचर की श्रीमती सुषमा पारख तथा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सहस्त्र राय को उनके विशेष कृतित्व के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मंचासीन अतिथियों को दुपट्टा एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंचासीन अतिथियों में मंच की अध्यक्षा श्रीमती फूलमती कलवार, ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद शास्त्री, वरिष्ठ समाजसेवी अवधेश कुमार सिंह, विमेंस कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर सुजीत तिवारी तथा असम विश्वविद्यालय के राजभाषा अधिकारी डॉक्टर सुरेंद्र उपाध्याय आदि शामिल थे।

इस अवसर पर आचार्य आनंद शास्त्री, शिलचर के वरिष्ठ नागरिक संतोष पटवा, रूपनारायण राय, राजन कुंवर तथा सुहाग मनी बर्मन ने अपने वक्तव्य में हिंदी भाषा की विशेषताओं, उसकी व्यापकता तथा भारतीय समाज में उसके महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने लोगों से दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।
मंच के महासचिव दिलीप कुमार ने अपने प्रस्तावित वक्तव्य में भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं का वास्तविक उत्थान तभी संभव है, जब हम अपनी भाषाओं के प्रति सम्मान और आत्मविश्वास विकसित करें। उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया की किसी भी भाषा से विरोध नहीं है, लेकिन किसी भी भाषा की मानसिक गुलामी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंग्रेज चले गए, लेकिन अंग्रेजी का प्रभाव आज भी कायम है। उन्होंने हिंदीभाषी समन्वय मंच की विभिन्न गतिविधियों एवं उद्देश्यों की भी जानकारी दी।
कवि सम्मेलन में बही काव्य की रसधारा
इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों को भी दुपट्टा एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। बाबुल नारायण कानु, जयप्रकाश ग्वाला, जयद्रथ ग्वाला, डा. सानि भट्टाचार्य, श्रीमती तनु पोरवाल, श्रीमती देवोलिना राय, श्रीमती सरिता सिंह, कुमारी मनीषा देब एवं कान्हाइ गोस्वामी ने एक से बढ़कर एक कविताओं की प्रस्तुति दी।
किसी कवि ने श्रृंगार रस के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर किया तो किसी ने हास्य रस से वातावरण को खुशनुमा बनाया। वहीं वीर रस की कविताओं ने उपस्थित लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार किया। कवि सम्मेलन का प्रभावी संचालन सर्वेश स्वर्णकार ने किया।
कवि सम्मेलन के बाद मंचासीन अतिथियों के कर-कमलों से छह विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती सुषमा पारख की अनुपस्थिति में बालार्क प्रकाशन की ओर से उन्हें मानपत्र एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का संचालन मंच के महासचिव दिलीप कुमार ने किया।
साहित्यिक पुस्तकों से अतिथियों एवं कवियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान हिंदी साहित्य के प्रति सम्मान और साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल भी देखने को मिली। मंच के कोषाध्यक्ष राजन कुंवर ने अतिथियों एवं कवियों को व्यक्तिगत रूप से हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की बहुमूल्य पुस्तकें भेंट कीं। वहीं बालार्क प्रकाशन की ओर से राजू वर्मा ने भी उपस्थित अतिथियों एवं कवियों को हिंदी साहित्य की पुस्तकें प्रदान कीं। इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकों का उपहार केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य के अध्ययन, पठन-पाठन और नई पीढ़ी तक साहित्यिक चेतना पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां
समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम में पिंकू नोनिया एवं उनकी टीम ने छठ पूजा पर आधारित भव्य नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। छोटी बच्ची श्रुति कानु ने गणेश वंदना पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। प्रेरणा गुप्ता ने हिंदी के महत्व पर कविता पाठ किया, जबकि सुनील कानु ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन शिवकुमार ने किया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन मंच के कोषाध्यक्ष राजन कुंवर ने किया। हिंदीभाषी महिला मंच की महामंत्री श्रीमती सीमा कुमार ने आयोजन समिति के प्रमुख कार्यकर्ताओं तथा विशेष रूप से उपस्थित विशिष्ट अतिथियों को दुपट्टा प्रदान कर सम्मानित कराया। हिंदीभाषी महिला मंच की अध्यक्षा डॉ. रीता सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
समारोह में हाइलाकांदी से राजेंद्र पांडेय, संतोष कुमार दुबे, मंच के कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रमा प्रसाद कोइरी, विशिष्ट समाजसेवी शांतिलाल डागा, प्रदीप गोस्वामी, प्रमोद शाह, जयप्रकाश गुप्ता, श्रीमती राजकुमारी मिश्रा, राजू वर्मा, राहुल नुनिया, जसवंत पांडेय, रितेश नुनिया, श्रीमती गंगा देवी, श्रीमती संतोषी पांडेय, श्रीमती रुपाली कोइरी, अनिल कानू सहित बड़ी संख्या में हिंदीभाषी समाज के लोग एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह ने हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकजुटता का भी संदेश दिया।