शिलचर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 हजार करोड़ से अधिक की तीन बड़ी परियोजनाओं का किया भूमिपूजन

हाई-स्पीड कॉरिडोर, टाउन फ्लाईओवर और पाथरकांदी कृषि महाविद्यालय से बराक घाटी के विकास को मिलेगी नई गति
सीमा कुमार व यशवंत पांडेय शिलचर, 14 मार्च। बराक घाटी के विकास को नई दिशा देने वाली तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शिलचर के समीप बाइपास क्षेत्र में एक विशाल जनसभा के बीच किया। इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है।
इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma, केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal, राज्य के कैबिनेट मंत्री कौशिक राय और कृष्णेंदु पाल, सांसद परिमल शुक्लवैद, राज्यसभा सांसद कणाद पुरकायस्थ सहित बराक घाटी के कई जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री ने जिन तीन प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया, उनमें –
22,864 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला शिलचर–गुवाहाटी हाई-स्पीड कॉरिडोर (बोरापानी–पंचग्राम)
564.50 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित शिलचर टाउन फ्लाईओवर
122 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला पाथरकांदी कृषि महाविद्यालय शामिल हैं। इन परियोजनाओं को बराक घाटी के बुनियादी ढांचे, परिवहन और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बराक घाटी के लिए ऐतिहासिक दिन
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन बराक घाटी के लिए ऐतिहासिक है। इन तीनों परियोजनाओं पर लगभग 24 हजार करोड़ रुपये का निवेश क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।
उन्होंने कहा कि शिलचर–गुवाहाटी एक्सप्रेसवे बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और इससे पड़ोसी राज्यों Mizoram, Manipur और Tripura से आने-जाने वाले लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानी Guwahati तक पहुंचना आसान हो जाएगा और व्यापार, पर्यटन तथा परिवहन को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पाथरकांदी में बनने वाला कृषि महाविद्यालय किसानों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा। इससे आधुनिक कृषि तकनीक, अनुसंधान और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि एक दिन पूर्व गुवाहाटी में किसान सम्मान निधि योजना के तहत असम के किसानों के खातों में सहायता राशि भेजी गई है।
पूर्वोत्तर में विकास और शांति का दावा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 2014 से पहले पूर्वोत्तर क्षेत्र लंबे समय तक विकास से वंचित रहा और यहां स्थिरता की कमी थी। लेकिन केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पूर्वोत्तर में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है।
उन्होंने कहा कि आज असम सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सड़क, रेल, हवाई संपर्क और उद्योग के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं बराक घाटी के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने उपस्थित जनता से आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव में विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए भाजपा को समर्थन देने का आग्रह भी किया।
प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व कैबिनेट मंत्री कौशिक राय, कृष्णेंदु पाल, सांसद परिमल शुक्लवैद तथा राज्यसभा सांसद कणाद पुरकायस्थ ने भी अपने विचार व्यक्त किए और इन परियोजनाओं को बराक घाटी के लिए ऐतिहासिक बताया।
सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे शिलचर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सभा स्थल के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक विभाग ने विशेष प्रतिबंध लागू किए थे।
जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर आईएसबीटी प्वाइंट से मंगल पांडेय प्रतिमा तथा आईएसबीटी से श्रीकोना ओएनजीसी मार्ग तक सड़क किनारे वाहन पार्किंग पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था।
श्रीकोना में बराक वैली सचिवालय का उद्घाटन
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने श्रीकोना में नवनिर्मित असम सचिवालय – बराक वैली परिसर का भी उद्घाटन किया। इसी कार्यक्रम से उन्होंने राज्य की कई अन्य विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया।
इस पूरे कार्यक्रम में हजारों लोगों की उपस्थिति देखी गई और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।