शिलचर में ई-रिक्शा चालक कृष्ण कुशमेट की बेरहमी से पिटाई, ग्रामीणों ने तीन आरोपितों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की

शिलचर, 26 जुलाई: घुंघूर क्षेत्र में एक ई-रिक्शा चालक के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट किए जाने की घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में रविवार को स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित के परिजनों ने विरोध सभा आयोजित कर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व शर्मा तथा जिला प्रशासन से आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 19 जुलाई, रविवार की रात लगभग 9 बजे घुंघूर वेटरनरी बाजार के निकट यूनानी अस्पताल की गली में ई-रिक्शा चालक कृष्ण कुशमेट के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। पीड़ित के परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सड़क पर बने गड्ढे में ई-रिक्शा का पहिया फंस जाने से पानी के छींटे पड़ने को लेकर राजेश नुनिया उर्फ पल्लू, दिनेश नुनिया उर्फ हागरू और चान्दुआ गोआला ने कथित तौर पर कृष्ण कुशमेट को रोक लिया।

आरोप है कि तीनों ने नशे की हालत में कृष्ण को ई-रिक्शा से खींचकर बाहर निकाला और करीब एक घंटे तक लात-घूंसों तथा थप्पड़ों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल होकर कृष्ण के बेहोश हो जाने के बाद परिजन उसे तत्काल सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले गए, जहां एक दिन के उपचार के बाद उसे होश आया।

परिवार का आरोप है कि घटना के दो दिन बाद आरोपितों से न्याय की मांग करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद पीड़ित के परिजन गोपाल कुशमेट ने गत बुधवार को सिलचर अदालत में तीनों आरोपितों के खिलाफ मामला दायर किया।

परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपित अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित कृष्ण कुशमेट तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इसी के विरोध में रविवार, 26 जुलाई को स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवार के सदस्यों ने विरोध सभा आयोजित की।

सभा में कृष्ण कुशमेट की पत्नी उषा कुशमेट, मुन्ना कुशमेट, बाबू री सहित अन्य स्थानीय लोग उपस्थित थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने तथा दोष सिद्ध होने पर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। साथ ही, पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया गया।

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