शिलचर, 15 जुलाई। अखिल असम न्यायिक कर्मचारी संघ के आह्वान पर शिलचर के तारापुर स्थित पारिवारिक न्यायालय के कर्मचारियों ने 15 और 16 जुलाई को अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में दो दिवसीय कार्यबहिष्कार एवं असहयोग आंदोलन शुरू किया।
आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी की जा रही है। विशेष रूप से शेट्टी आयोग (Shetty Commission) की सिफारिशों को लागू करने में सरकार की उदासीनता के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान केवल आपातकालीन सेवाएं तथा न्यायालय के अत्यावश्यक कार्य ही संचालित किए जाएंगे, जबकि अन्य सभी प्रशासनिक कार्य अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से शेट्टी आयोग की सिफारिशों को शीघ्र लागू करने, वेतन विसंगतियों का समाधान, स्थानांतरण नीति में सुधार, कार्यस्थल की सुविधाएं बढ़ाने तथा अन्य सेवा-संबंधी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
इस आंदोलन में पारिवारिक न्यायालय, शिलचर के कर्मचारी द्विजेंद्र बर्मन, के.पी. रंगमई, श्रावणी दत्ता, यासमीन आरा बरभुइया, नाजाम उद्दीन, जनांतिका भट्टाचार्य, काबिदोंग गांगमेई, नजीम अहमद, इमराना बेगम लस्कर, अल्पना पाल, पवित्र डेका, लुंगचुइलोंग कामेई, रिंकू बैद्य, रत्नजीत नाथ, निर्मल डे, राजू सिंह सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।