शिलकुड़ी में तीन दिवसीय रामकथा, गीता यज्ञ एवं संत सम्मेलन का भव्य समापन
शिलचर, 03 फरवरी:
फकीरटीला स्थित शिलचर एनआईटी के समीप शिलकुड़ी में आयोजित तीन दिवसीय रामकथा पाठ, विश्व शांति की कामना से गीता यज्ञ एवं संत सम्मेलन का मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सफल समापन हुआ। रविवार दोपहर से आरंभ हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखने को मिली, जिससे क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों में विशेष उत्साह का संचार हुआ।
कार्यक्रम को विशेष पावनता प्रदान की 16 वर्षीय बाल संत श्रीमद् रामेश्वरानंद ब्रह्मचारी महाराज के दिव्य रामकथा पाठ ने। रविवार दोपहर रामकथा मंडप में अधिवास के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, वहीं संध्या साढ़े सात बजे से महाप्रसाद वितरण किया गया। दूसरे दिन भी यही धार्मिक कार्यक्रम विधिवत रूप से संपन्न हुआ।
अंतिम दिन मंगलवार को विश्व शांति की कामना के साथ गीता यज्ञ, संत सम्मेलन एवं प्रवचन के माध्यम से कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर शिलचर शंकरमठ एवं मिशन के कार्याध्यक्ष श्रीमद् विज्ञानानंद ब्रह्मचारी महाराज, शिलचर भोला गिरी आश्रम के अध्यक्ष स्वामी भुवनेश्वरानंद गिरी महाराज, शिलडुबी शंकरज्योति गीताश्रम के कार्याध्यक्ष श्रीमद् स्वामी महानंद गिरी महाराज, काशी से पधारे श्रीमद् स्वप्रकाशानंद गिरी महाराज एवं श्रीमद् कृष्णानंद ब्रह्मचारी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।
संतों के प्रवचनों और आशीर्वचनों से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त हो गया। दोपहर में सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिससे भक्तों में विशेष आनंद देखा गया।
इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का सफल संचालन भानुमती चकमा सनातनी के नेतृत्व में किया गया, जिनकी कुशल व्यवस्थापन क्षमता से कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ। आयोजन में सहयोग देने वालों में विप्लव कुमार देव, दिलीप दे, शिप्रा दे, ब्यूटी दे सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे।
स्थानीय सनातन समाज के नेताओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल विश्व शांति का संदेश देते हैं, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव को भी मजबूत करते हैं। शिलचर के धार्मिक इतिहास में यह आयोजन एक उल्लेखनीय अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।