शिलकुड़ी प्राचीन काली मन्दिर का हुआ शिलान्यास

यशवन्त पाण्डेय, शिलकुड़ी 27 अगस्त । प्राचीनतम ऐतिहासिक स्थल श्री श्री बरमबाबा मन्दिर परिसर में स्थित प्राचीन काली मन्दिर का नवीनीकरण हेतु आज शुभ मुहूर्त में शिलान्यास हुआ, शिलकुड़ी निवासी तथा भोराखाई गांव पंचायत के पूर्व सभापति मनोज जायसवाल ने अपने पुत्र मंजित जायसवाल के नाम यह मानसिक किया था कि वे काली मन्दिर का नवीनीकरण कर सुन्दर व भव्य बनायेंगे, इस शुभ कार्य में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शकुंतला जायसवाल व पुत्र मंजित जायसवाल व पुत्री सुश्री राजरानी जायसवाल शिलान्यास कार्य में हिस्सा बने। आज इस शुभ कार्य में बरमबाबा मन्दिर परिचालना समिति के वरिष्ठ सदस्य हीरा लाल दुषाद, राम सिंहासन नुनीया, मीडिया प्रभारी रंजन सिंह, सदस्य प्रदीप नुनिया और शिलकुड़ी से भोराखाई जीपी के पूर्व आंचलिक पंचायत सदस्य सोमनाथ सोनार, शिलकुड़ी एल पी स्कुल के अवकाशप्राप्त प्रधान शिक्षक राम रतन ग्वाला, भोराखाई जीपी के पूर्व सभापति बाबुल रबिदास, अधिवक्ता विश्वनाथ पात्र, योगेश माल समेत शिलकुड़ी के अन्यान्य महिला पुरुष उपस्थित होकर शिलान्यास किया और शुभकार्य का साक्षी बने।पिछले दो महीने पहले ही जर्जर काली मन्दिर नवीनीकरण के लिए तोड़ा गया, मगर मुहूर्त नही होने के चलते दो महीने बाद आज शिलान्यास किया गया।

मन्दिर नवीनीकरण के लिए शिलकुड़ी, भोराखाई, धरमखाल व बारिकनगर वासियों ने युवा नेता मनोज जायसवाल को बहुत बहुत बधाई दिया, स्थानीय लोगों ने कहा कि मनोज जायसवाल एक अच्छे इन्सान हैं समाज के हित के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, हालही में शिलकुड़ी चाय बागान के रहनेवाले एक गरीब बेसहारा श्यामल भर को रहने के लिए जमीन नही था, जमीन खरीदना श्यामल भर के बस में नही था, जब यह खबर मनोज जायसवाल को पता चला, तब वे स्वयं अपना दो कट्ठा जमीन श्यामल के नाम दान में दे दिया, इससे पहले मनोज जायसवाल ने भोराखाई गांव पंचायत कार्यालय बनाने के लिए अपना पांच कट्ठा जमीन दान में दिया, आज भोराखाई जीपी कार्यालय में समस्त जीपी के नागरिक जाकर सरकारी सुविधाओ का लाभ उठा रहे हैं, सामाजिक सेवा व लोगों को सहायता करने में मनोज कुमार जायसवाल कभी पीछे नही हटते। साथ ही इलाके में किसी के द्वारा अन्याय कार्य देखने पर वे चुप नही रहते, तत्परता के साथ विरोध करते हैं, उन्होंने कहा कि आज जो काली मन्दिर का शिलान्यास हुआ है, वे इसे सुन्दर और भव्य बनाने के लिए समर्पित हैं, उन्होंने कहा इसमे लगभग चार/ पांच लाख रुपये खर्च कर वे इस मन्दिर का पुनर्निर्माण करेंगे।

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