आपत्तिजनक टिप्पणी पर विधायक कमलाक्ष दे पुरकायस्थ के खिलाफ मुखर हुआ ‘बराक वैली सिटीज़न्स फोरम’, विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग
“विधायक पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं” : फोरम
शिलचर।
कटीगड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमलाक्ष दे पुरकायस्थ द्वारा विधानसभा में दिए गए कथित बयानों को लेकर ‘बराक वैली सिटीज़न्स फोरम’ ने कड़ी आपत्ति जताई है। फोरम का आरोप है कि विधायक के वक्तव्य न केवल शिक्षक समाज का अपमान करते हैं, बल्कि विधानसभा की गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं। इस मामले में संगठन ने विधानसभा अध्यक्ष रणजीत दास से उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
सोमवार को शिलचर प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में फोरम के प्रतिनिधियों ने विधायक कमलाक्ष दे पुरकायस्थ की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि उनके हालिया बयान किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हैं। फोरम का आरोप है कि विधायक ने विधानसभा में यह कहा कि वह अब तक सदन में “झूठे भाषण” देते रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कथित रूप से यह भी टिप्पणी की कि पूर्व में शिक्षकों की नियुक्ति का “पैरामीटर” केवल गुंडों और मस्तानों की नियुक्ति करना था। फोरम का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणी से पूरे शिक्षक समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
संगठन ने कहा कि यदि विधायक ने वास्तव में ऐसे बयान दिए हैं तो वह विधायक पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं और उनके विरुद्ध आवश्यक संवैधानिक एवं संसदीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
संवाददाता सम्मेलन में प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. निरंजन दत्त ने अपने विचार रखे। उनके साथ शिक्षाविद् अशोक कुमार देव, कवयित्री एवं शिक्षिका जयंती दत्त, शिक्षिका शाखी चक्रवर्ती, फोरम के संयोजक शंकर दे, कवयित्री एवं पत्रकार स्मृति पाल नाथ, समाजसेवी बहार अहमद चौधरी तथा शाश्वत भट्टाचार्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।