विश्व साक्षरता दिवस पर रोटरी क्लब डिब्रूगढ़ ने प्रदान किए ज्ञानज्योति पुरस्कार

डिब्रूगढ़: रोटरी क्लब ऑफ डिब्रूगढ़ ने विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर आठ सितंबर, दो हजार छब्बीस को ग्रामबाजार स्थित शिशु भारती स्कूल के निकट रोटरी कम्युनिटी सेंटर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ज्ञानज्योति पुरस्कार २०२६-२७ का वितरण रहा।

ज्ञानज्योति पुरस्कारों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों के उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और अपनी नियमित जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर विद्यार्थियों तथा समाज की सेवा की है। इस वर्ष पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों में शांतनु रंजन बोर्थाकुर, जूली राजखोवा, शिखामोनी नाथ, मुकीबुल हुसैन, अनिता गोगोई और ज्योतिमा गोगोई शामिल हैं।

कार्यक्रम में शीशा वैली स्कूल के निदेशक एस. पी. सुरेश बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। डॉ. नबनिता बरमन ने विशेष संबोधन में साक्षरता और शिक्षा के महत्व तथा समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। सम्मान समारोह का संचालन क्लब की साक्षरता अध्यक्ष डॉ. चंदना गोस्वामी ने किया।

इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ डिब्रूगढ़ के अध्यक्ष रोटेरियन अमित जस्रासरिया ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने की क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सशक्तीकरण, अवसर और सामाजिक परिवर्तन का एक प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने कहा कि ज्ञानज्योति पुरस्कार विशेष रूप से उन शिक्षकों के योगदान को प्रोत्साहित और सम्मानित करने के लिए शुरू किए गए हैं, जो सरकारी विद्यालयों में बच्चों के जीवन में सार्थक बदलाव ला रहे हैं।

कार्यक्रम में महान असमिया सांस्कृतिक विभूति डॉ. भूपेन हजारिका की सौवीं जयंती भी मनाई गई। क्लब की ओर से संगीत, साहित्य और मानवता, शिक्षा तथा सामाजिक सद्भाव के उनके आजीवन संदेश में दिए गए योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस दौरान यह भी स्मरण किया गया कि डॉ. भूपेन हजारिका रोटरी क्लब ऑफ डिब्रूगढ़ के मानद सदस्य रहे थे।

कार्यक्रम के दौरान क्लब की हालिया उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। पांच सितंबर, दो हजार छब्बीस को सोनापुर में आयोजित मान्यता जिला पुरस्कार समारोह में रोटरी क्लब ऑफ डिब्रूगढ़ को विभिन्न पहलों और उपलब्धियों के लिए कुल सात पुरस्कार प्राप्त हुए। क्लब अध्यक्ष ने इस सफलता के लिए तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन बबीता राजक तथा क्लब के सभी सदस्यों, निदेशकों, समिति सदस्यों और स्वयंसेवकों को बधाई दी और उनके समर्पण एवं सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर पूर्व रोटरी जिला गवर्नर कल्पना खाउंड ने क्लब की ओर से सफलतापूर्वक पूरे किए गए दो वर्षीय उत्कृष्ट ग्लोबल ग्रांट प्रोजेक्ट ‘गणित सेतु’ की जानकारी दी। इस परियोजना का उद्देश्य गणित शिक्षा को विद्यार्थियों के लिए अधिक रोचक और संवादात्मक बनाना था। इसके तहत डिब्रूगढ़ जिले और हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी के कुल बीस सरकारी विद्यालयों, दोनों क्षेत्रों में दस-दस विद्यालयों, को शामिल किया गया।

‘गणित सेतु’ कार्यक्रम के अंतर्गत डिब्रूगढ़ जिले के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के छह बैचों को नवीन एवं संवादात्मक शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, ताकि विद्यार्थियों के बीच गणित विषय के प्रति रुचि और समझ को बढ़ाया जा सके।

कार्यक्रम का समापन सम्मानित शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने और शिक्षा, साक्षरता तथा सामुदायिक विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ। क्लब ने ‘सेवा ही सर्वोपरि’ के अपने मूलमंत्र के अनुरूप समाज के विकास में योगदान जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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