विद्या भारती के पूर्व छात्र ओंकार सैनी बने इंग्लैंड के ऐतिहासिक शहर बाथ के उपमहापौर

विद्या भारती के पूर्व छात्र ओंकार सैनी बने इंग्लैंड के ऐतिहासिक शहर बाथ के उपमहापौर

कुरुक्षेत्र/बाथ (इंग्लैंड)। विद्या भारती से संबद्ध गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, कुरुक्षेत्र के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि विद्यालय के पूर्व छात्र ओंकार सैनी को इंग्लैंड के विश्वविख्यात शहर बाथ का उपमहापौर (डिप्टी मेयर) नियुक्त किया गया है।
बाथ न केवल यूनाइटेड किंगडम का एक ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित शहर है, बल्कि विश्व के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित नगरों में भी इसकी गणना होती है। ओंकार सैनी की यह नियुक्ति एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। वे कुरुक्षेत्र के पहले व्यक्ति हैं जिन्हें बाथ शहर के उपमहापौर जैसा महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
गीता निकेतन आवासीय विद्यालय से प्राप्त संस्कार, अनुशासन और शिक्षा के बल पर ओंकार सैनी ने आगे की पढ़ाई के लिए यूनाइटेड किंगडम का रुख किया। उन्होंने लंदन मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की और बाद में बाथ को अपना स्थायी निवास बनाया।
उपमहापौर के दायित्वों के साथ-साथ ओंकार सैनी वर्तमान में बाथ एंड नॉर्थ ईस्ट समरसेट काउंसिल के बिजनेस, स्किल्स एवं डिजिटल विभाग में कैबिनेट लीड की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। इस पद पर रहते हुए वे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देने, स्थानीय उद्यमों के साथ सहयोग बढ़ाने, नागरिकों के लिए कौशल विकास के अवसर सृजित करने तथा डिजिटल पहुंच को मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ओंकार सैनी अपनी पत्नी प्रिया सैनी के साथ बाथ में निवास करते हैं। दोनों ही शहर के सामाजिक एवं सामुदायिक जीवन में सक्रिय और सम्मानित सहभागिता निभाते हैं तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और ब्रिटिश समाज के बीच एक सकारात्मक सेतु का कार्य कर रहे हैं।
अपनी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ओंकार सैनी ने कहा, “बाथ शहर के उपमहापौर के रूप में इस महान नगर का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व की बात है। कुरुक्षेत्र हर पल मेरे हृदय में बसता है। मैं अपनी इस उपलब्धि को उन सभी लोगों को समर्पित करता हूं जिन्होंने यह विश्वास किया कि सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और परिश्रम आपको दुनिया के किसी भी शिखर तक पहुंचा सकते हैं।”
ओंकार सैनी की यह उपलब्धि न केवल गीता निकेतन आवासीय विद्यालय और कुरुक्षेत्र के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह भारतीय युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है कि दृढ़ संकल्प, शिक्षा और मेहनत के बल पर वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हासिल की जा सकती हैं।

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