वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद में ‘टीम-30’ कर रही सर्वे, हिंदू पक्ष मौजूद, पर मुस्लिम पक्ष का कोई नहीं पहुंचा

वाराणसी. उत्तर प्रदेश में वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में आज से सबसे बड़ा सर्वे शुरू हो गया है. ये वैज्ञानिक सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 20 से 30 सदस्यीय टीम कर रही है. वजूखाने को छोड़कर परिसर में हर जगह का सर्वे होगा. यह सर्वे वाराणसी जिला अदालत के आदेश पर हो रहा है. एएसआई को सर्वे की रिपोर्ट 4 अगस्त तक अदालत में सौंपनी है. सर्वे को लेकर प्रशासन सतर्क है और परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होगी. मुस्लिम पक्ष ने 1991 के मामले को आधार बनाया है. इससे पहले वाराणसी कोर्ट ने एएसआई को ज्ञानवापी परिसर में सर्वे का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि एएसआई की टीम सर्वे करके परिसर की वास्तविकता का पता लगाए.

शासन ने शहर में हाई अलर्ट जारी किया है। हिंदू पक्ष ने जहां सर्वे में सहयोग की बात कही है वहीं, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने जिला जज के आदेश के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का हवाला देकर सर्वे की तिथि आगे बढ़ाने की मांग रखी है।

सर्वे के काम लिए झाड़ू और फावड़े से लेकर अत्याधुनिक मशीनें तक अंदर ले जाई गई हैं। काशी विश्वनाथ धाम का गेट नंबर चार पहले की ही भांति बंद है। श्रद्धालु उसके बगल से पूर्व की तरह दर्शन पूजन के लिए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन भी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में हैं। आधुनिक मशीनों संग ज्ञानवापी पहुंची एएसआई की 43 सदस्यीय टीम अभी परिसर का निरीक्षण कर रही है। मुस्लिम पक्ष का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है। मुस्लिम पक्ष की गैरमौजूदगी के कारण सर्वे का काम शुरू करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। सर्वे के काम में सहयोग के लिए पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग की टीम को भी लगाया गया है।

इसके बाद सर्वे में सामने आने वाले हर छोटी से छोटी वस्तु को बतौर प्रमाण जुटाएंगे। एएसआई की टीम पांच से छह दिन में पूरे परिसर का सर्वे पूरा कर सकती है। ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे से दुनिया के सामने सच सामने आएगा। बड़े विवाद के हल की उम्मीद भी बंधी है।

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