स्वान्त रंजन ने स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रगीत की भूमिका और ऐतिहासिक महत्व पर डाला प्रकाश
लखनऊ, 20 अक्टूबर। विजयादशमी के पावन अवसर पर संस्कृत भारती, अवध प्रांत की पत्रिका ‘अवध-सम्पदा’ के विशेषांक का लोकार्पण किया गया। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित इस विशेषांक के लोकार्पण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख श्री स्वान्त रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में श्री स्वान्त रंजन ने ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय चेतना और गौरव के प्रतीक के रूप में उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
क्षेत्र संगठन मंत्री प्रमोद पंडित ने ‘अवध-सम्पदा’ के विशेषांक की विषयवस्तु एवं प्रकाशन के उद्देश्य की जानकारी दी। विशेषांक के प्रधान संपादक एवं संस्कृत भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रो. गोपबंधु मिश्र अन्यत्र होने के कारण समारोह में उपस्थित नहीं हो सके।
कार्यक्रम का संचालन महानगर मंत्री कृष्ण कुमार तिवारी ने किया। इस अवसर पर पत्रिका के संपादक डॉ. कन्हैयालाल झा, न्यासाध्यक्ष एवं प्रबंध संपादक श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह, संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी, महानगर अध्यक्ष विनय कुमार राय, समर्थ भारत के प्रकल्प प्रमुख दिलीप कुमार तथा खंड शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र शुक्ला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समारोह का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित लोगों के लिए चाय एवं अल्पाहार की व्यवस्था की गई।