लाल मिट्टी की तस्करी के आरोपों को दूध पातिल चतुर्थ खंड के स्थानीय निवासियों ने नकारा

खलिलपार में पहाड़ी की मिट्टी हटाने को बताया आवश्यक कार्य, प्रकाशित खबर को बताया भ्रामक

शिलचर: खलिलपार के दूध पातिल चतुर्थ खंड में लाल मिट्टी की तस्करी के आरोपों को लेकर प्रकाशित समाचार पर स्थानीय लोगों ने आज आपत्ति जताई। क्षेत्रवासियों का दावा है कि पहाड़ी से मिट्टी की तस्करी नहीं की जा रही है, बल्कि स्थानीय निवासी अपनी पट्टे वाली जमीन से मिट्टी हटाकर वहां मकान बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने मीडिया को बताया कि लाल मिट्टी की पहाड़ी से बारिश के दौरान मिट्टी बहकर नीचे आती है, जिससे इलाके में कई तरह की परेशानियां उत्पन्न होती हैं। इसके कारण सड़क पर आवागमन भी लगभग बाधित हो रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए मिट्टी हटाने का काम किया जा रहा है।

क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रकाशित समाचार में जिन लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है, वह पूरी तरह निराधार है और उनके विरुद्ध भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने समाचार की सत्यता की जांच कर गलत जानकारी को संशोधित करने की मांग की।

आज सुबह इस संबंध में अपना पक्ष रखने वालों में मंसूर आलम मजूमदार, जसीम उद्दीन बड़भुइयां, जैनाल हुसैन लस्कर, इस्लाम उद्दीन बड़भुइयां सहित क्षेत्र के कई अन्य निवासी शामिल थे।

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