आगामी शारदीय दुर्गोत्सव के अवसर पर पितृपक्ष की पुण्यतिथि के दिन भुवनेश्वरी देवी फाउंडेशन की ओर से लक्ष्मीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लांगलाछड़ा क्षेत्र में वस्त्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गत 2 अक्टूबर, शुक्रवार को रामकृष्ण विवेकानंद सोसाइटी द्वारा संचालित श्रीमाँ सारदा कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं के हाथों में नए वस्त्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर लगभग एक सौ बच्चों के बीच नए वस्त्र वितरित किए गए।
बच्चों को नए वस्त्र प्रदान करने से पहले भुवनेश्वरी देवी फाउंडेशन के कार्यकर्ता विश्वराज चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में कहा कि शारदीय दुर्गोत्सव की खुशी दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छोटे-छोटे बच्चों के बीच भी पहुंचाने और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से फाउंडेशन की ओर से यह छोटा-सा प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशियों को सभी के साथ साझा करने में ही वास्तविक आनंद निहित है।
उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य संवारने में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से इस प्रकार के कोचिंग सेंटर में भेजें और उन्हें पढ़ाई के प्रति रुचि रखने के लिए प्रेरित करें। बच्चे यदि मन लगाकर पढ़ाई करें तो उनका भविष्य उज्ज्वल होगा और आगे चलकर वे देश के जिम्मेदार नागरिक बनकर देश एवं समाज के कल्याण के लिए स्वयं को समर्पित कर सकेंगे।
विश्वराज चक्रवर्ती ने आगे कहा कि भुवनेश्वरी देवी फाउंडेशन पूरे वर्ष दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों तथा आम लोगों के साथ खड़ा रहकर विभिन्न प्रकार के सेवामूलक कार्य करता आ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी समाज के वंचित वर्ग के लोगों और बच्चों के साथ खड़े होकर इस प्रकार की सेवामूलक गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।
इस अवसर पर रामकृष्ण विवेकानंद सोसाइटी के महासचिव सुप्रदीप दत्त राय ने भुवनेश्वरी देवी फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के मानवीय एवं समाजसेवामूलक कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों के बीच त्योहार की खुशियां पहुंचाने की इस पहल के लिए उन्होंने फाउंडेशन के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम में अन्य लोगों के अलावा रामकृष्ण विवेकानंद सोसाइटी के सह-संपादक यादव साहा, प्रदीप राय, अपू रंजन देव, प्रदीप पाल, निर्मल कांति राय, पन्ना नंदी, विधान चंद्र नंदी आदि उपस्थित थे।
नए वस्त्र पाकर बच्चों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। त्योहार के अवसर पर की गई इस पहल ने न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों के साथ समाजसेवी संगठनों के आत्मीय संबंधों को भी और मजबूत किया।