शिलचर, 29 अगस्त। लक्ष्मीपुर विधानसभा क्षेत्र के जयपुर तृतीय खंड स्थित लांगराछड़ा गांव के बाणीराम बर्मन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को सरकारी मान्यता एवं प्रांतीयकरण नहीं मिलने से विद्यार्थियों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। वर्ष 1981 में स्थापित यह विद्यालय पिछले कई दशकों से विद्यालय प्रबंधन समिति और स्थानीय लोगों की आर्थिक सहायता से संचालित हो रहा है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण भविष्य में विद्यालय का संचालन जारी रखना भी मुश्किल होने की आशंका शिक्षकों ने जताई है।
विद्यालय सूत्रों के अनुसार, यहां कभी एक एलपी स्कूल, एक एमई स्कूल और छात्राओं के लिए महिला छात्रावास भी संचालित होते थे, लेकिन वर्तमान में ये सभी जर्जर अवस्था में हैं। विद्यालय में फिलहाल करीब 65 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इससे पहले तीन वेतनविहीन प्रधान शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। प्रधान शिक्षक इबुंगो माछो सिंह ने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकारी मान्यता और प्रांतीयकरण के बिना विद्यालय को लंबे समय तक चलाना कठिन होगा।
शिक्षकों और अभिभावकों के अनुसार, अनेक विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए रामचरण पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल जाना पड़ता है, जो करीब 8 किलोमीटर दूर है। खराब सड़क के कारण विद्यार्थियों को रोजाना आवागमन में काफी परेशानी और जोखिम उठाना पड़ता है।
विद्यालय के प्रांतीयकरण की मांग को लेकर शनिवार को विद्यालय प्रबंधन की ओर से स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान प्रधान शिक्षक इबुंगो माछो सिंह, सहयोगी शिक्षक प्रांतोष बर्मन, बीएससी शिक्षक सजल कुमार सेन, सहयोगी हिंदी शिक्षक हरिहर प्रसाद दुबे, सहायक अंग्रेजी शिक्षिका अपराजिता बर्मन तथा गैर-शिक्षण कर्मचारी जिमी बर्मन, विभु रंजन बर्मन सहित अन्य उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों ने सरकार से लंबे समय से लंबित मांग पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि विद्यालय का प्रांतीयकरण नहीं होने पर क्षेत्र के अनेक विद्यार्थी शिक्षा से वंचित होकर पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं।
— रानु दत्त, शिलचर