रामकृष्णनगर उपमंडल में शारदीय दुर्गोत्सव की तैयारियां जोरों पर, इस बार रोशनी और सजावट का दिखेगा अनूठा नजारा

गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 13 अक्टूबर : बंगालियों को वर्ष भर जिस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है, वह है दुर्गापूजा। सितंबर या अक्टूबर महीने में भारत सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में, जहां-जहां बंगाली समुदाय के लोग रहते हैं, दुर्गोत्सव बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पूजा के ये पांच दिन लोगों को आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे के सूत्र में बांधते हैं। हालांकि, यह त्योहार जहां कुछ लोगों के जीवन में खुशियां लेकर आता है, वहीं कुछ लोगों के लिए यह भावनात्मक यादों और दुखों का भी समय होता है।

रामकृष्णनगर उपमंडल के अंतर्गत इस बार दुर्गापूजा का नजारा कुछ अलग और आकर्षक होने वाला है। क्षेत्र के विभिन्न पूजा मंडपों में आयोजकों ने एक महीने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक, हर पूजा मंडप को नए रूप में सजाने की तैयारी चल रही है। आयोजकों का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं को कई मंडपों में विशेष सजावट और आकर्षक रोशनी देखने को मिलेगी।

दुर्गापूजा के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। रामकृष्णनगर उपमंडल के जिला आयुक्त नीलोत्पल पाठक, सर्किल अधिकारी अंतरा पाल, सीडीएसपी अंशुल शर्मा और थाना प्रभारी प्रियब्रत शर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य पूजा के पांच दिनों के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बारिश के बावजूद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पूजा मंडपों का निर्माण और सजावट का काम तेजी से चल रहा है। कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और अब मंडपों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बीते शनिवार की सुबह वीरेंद्र कृष्ण भद्र की चंडीपाठ की परंपरा के साथ पितृपक्ष की समाप्ति और देवीपक्ष का शुभारंभ हुआ। इसके बाद से ही दुर्गोत्सव को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़ गया है।

बंगालियों का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव होने के कारण दुर्गापूजा की तैयारियां काफी पहले से शुरू हो जाती हैं। मां दुर्गा की आराधना में शामिल होने के लिए लोग नए कपड़े खरीदने से लेकर पूजा मंडपों की सजावट तक हर व्यवस्था में जुटे हुए हैं। क्षेत्र के मूर्तिकारों और मंडप सज्जा से जुड़े कलाकारों के लिए भी यह समय बेहद व्यस्तता भरा है।

रामकृष्णनगर शहर में चार प्रमुख पूजा मंडपों पर विशेष आकर्षण

रामकृष्णनगर उपमंडल में हर वर्ष छोटे-बड़े अनेक दुर्गापूजा आयोजनों का आयोजन होता है। स्थानीय स्तर पर अब तक किसी पूजा के बीच में बंद होने की घटना नहीं होने की बात भी सामने आई है। रामकृष्णनगर शहर में छोटी-बड़ी कुल 10 दुर्गापूजाएं आयोजित होती हैं। इनमें बड़े बजट और विशेष आकर्षण वाले प्रमुख आयोजनों में रामकृष्णनगर स्टूडेंट्स यूनियन, पुराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पूजा समिति, ब्लॉक रोड सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति और रामकृष्णनगर कालीबाड़ी काली मंदिर की पूजा शामिल हैं।

इन चारों पूजा मंडपों में प्रत्येक वर्ष कुछ न कुछ नया देखने को मिलता है। इस बार भी आकर्षक सजावट और नवीनता के मामले में रामकृष्णनगर स्टूडेंट्स यूनियन की पूजा विशेष रूप से आगे बताई जा रही है। वहीं, शहर के कालीबाड़ी काली मंदिर में कई दशकों से सात्त्विक परंपरा और धार्मिक पवित्रता बनाए रखते हुए पूजा आयोजित की जाती रही है।

रामकृष्णनगर उपमंडल के विभिन्न चाय बागानों में भी दुर्गापूजा का आयोजन होता है। इसके अलावा, क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित पूजा भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। गांधी नगर ग्राम पंचायत के नेताजीनगर और रामकृष्णनगर शहर के चांदखानी इलाके में महिलाएं दुर्गापूजा का आयोजन करती हैं। यह पहल स्थानीय महिलाओं की धार्मिक आस्था, सामूहिक भागीदारी और सामाजिक एकजुटता को दर्शाती है।

दुल्लभछड़ा और भैरवनगर ब्लॉक के अंतर्गत भी विभिन्न स्थानों पर छोटे-बड़े स्तर पर दुर्गापूजा की तैयारियां चल रही हैं। आने वाले दिनों में पूरा क्षेत्र मां दुर्गा की आराधना और उत्सव के रंग में रंगने वाला है।

बारिश की आशंका से आयोजकों और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ी

इस बार दुर्गापूजा के दौरान बारिश होने की प्रबल संभावना जताए जाने से आयोजकों और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है। यदि पूजा के पांच दिनों में लगातार बारिश होती है, तो उत्सव की रौनक प्रभावित हो सकती है। मंडपों में दर्शन, घूमने-फिरने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने में भी लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में सभी की नजर मौसम की स्थिति पर टिकी हुई है।

ऑनलाइन खरीदारी से पूजा बाजार में मंदी

दुर्गापूजा को लेकर खरीदारी शुरू हो चुकी है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में इस बार रामकृष्णनगर के बाजार में अपेक्षाकृत मंदी देखी जा रही है। शहर की कपड़ों की दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही तो है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन से उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है।

बाजार के कुछ स्थापित व्यापारियों के अनुसार, पहले दुर्गापूजा से लगभग एक महीने पहले ही नए कपड़ों की बिक्री तेजी पकड़ लेती थी और नवमी तक दुकानों में ग्राहकों की भारी भीड़ लगी रहती थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां आकर्षक छूट और विशेष ऑफर देकर ग्राहकों से ऑर्डर प्राप्त करती हैं तथा कम समय में सामान की होम डिलीवरी कर देती हैं। इसके कारण स्थानीय दुकानों में ग्राहकों की संख्या घट रही है।

व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन बाजार के विस्तार ने खरीदारी के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। इसका सीधा असर छोटे और स्थानीय व्यापारियों पर पड़ रहा है। दुर्गापूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान भी बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं दिखाई दे रही है।

पांच दिनों तक उत्सव के रंग में रंगेगा पूरा क्षेत्र

दुर्गापूजा के दौरान रामकृष्णनगर में एक दिलचस्प परंपरा भी देखने को मिलती है। शहर के लोग पूजा मंडपों के दर्शन के लिए गांवों की ओर जाते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शहर के मंडपों में घूमने और उत्सव का आनंद लेने पहुंचते हैं। इस तरह शहर और गांव के बीच आपसी मेल-मिलाप तथा सामाजिक एकता का अनूठा वातावरण बनता है।

कुल मिलाकर, बारिश की आशंका और बाजार में मंदी के बावजूद रामकृष्णनगर उपमंडल में शारदीय दुर्गोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर है। मंडपों की सजावट, आकर्षक रोशनी, मां दुर्गा की प्रतिमाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के बीच अगले पांच दिनों तक पूरा क्षेत्र आनंद, उल्लास और भक्ति के रंग में सराबोर रहने की उम्मीद है।

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