रानु दत्त, शिलचर, 15 मई: पंचायत चुनाव में विजयी कांग्रेस उम्मीदवारों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम गुरुवार को शिलचर के राजीव भवन में तब हंगामे में बदल गया जब टिकट बंटवारे को लेकर मंच पर ही आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। शिलचर जिला कांग्रेस समिति द्वारा आयोजित इस समारोह में 8 जिला परिषद सदस्य और 37 क्षेत्रीय पंचायत सदस्यों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिलचर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अभिजीत पाल ने की। जैसे ही विधायक खलील उद्दीन मजूमदार ने भाषण देना शुरू किया और टिकट वितरण का विषय उठाया, कुछ कार्यकर्ताओं ने उन पर पंचायत टिकट को ₹10 लाख में बेचने का गंभीर आरोप लगा दिया। यह सुनते ही माहौल गर्मा गया और कुछ कार्यकर्ता मंच पर चढ़कर हंगामा करने लगे। कुछ ने विधायक पर हमला करने की भी कोशिश की, जिससे सभा स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति को संभालने के लिए विधायक मिसबाहुल इस्लाम लस्कर, पूर्व विधायक अमिनुल हक लस्कर समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता सामने आए और बीच-बचाव कर हालात को नियंत्रित किया। बावजूद इसके, माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि विधायक खलील उद्दीन मजूमदार को कार्यक्रम स्थल से जल्दी निकलना पड़ा। अन्य कार्यकर्ताओं को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
लगभग आधे घंटे के तनाव के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और फिर से कार्यक्रम शुरू किया गया। इस अवसर पर विधायक मिसबाहुल इस्लाम लस्कर, पूर्व विधायक अमिनुल हक लस्कर, आताउर रहमान मझारभुइंया, अजीत सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण दत्त मजूमदार, शरीफुज्जमां लस्कर, सूर्यकांत सरकार, सुजन दत्त, देवदीप दत्त और संजीव राय जैसे कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
सभी नेताओं ने अपने संबोधन में विजयी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दीं और पार्टी को एकजुट होकर जनहित में कार्य करने का संदेश दिया।
निष्कर्ष:
जहां एक ओर यह कार्यक्रम पंचायत चुनाव में कांग्रेस की सफलता का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था, वहीं टिकट वितरण में पारदर्शिता की कमी को लेकर उठे सवालों ने पार्टी के अंदरूनी कलह को सबके सामने उजागर कर दिया। अब देखना है कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद से कैसे निपटता है।