अनिल मिश्र/औरंगाबाद – आजादी के छिहत्तर साल होने के बावजूद औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र के औरंगाबाद विधान सभा क्षेत्र में आने वाले नेहुटा गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जिसका मूल कारण कम आबादी है। जिसके कारण यहां के मतदाताओं की शिकायत है कि कोई भी जनप्रतिनिधि इस गांव की ओर ताकते तक नहीं। जिसके कारण वहां के लोग वोट वहिष्कार का निर्णय लिया। चुनाव की तिथि के घोषणा के साथ ही वहां मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण बैनर पर लिखकर टांग भी दिया लेकिन कोई भी इनका सुध नहीं लिया। जब आज मतदान सुबह सात बजे शुरु हुआ तो ग्यारह बजे तक मात्र तीन वोट पड़े और अंतिम तक यही संख्या रही। किसी तरह इसकी सूचना जिला प्रशासन को मिली तब आनन-फानन में औरंगाबाद के डीएम, एसपी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंचकर मतदाताओं समझाने का प्रयास किया। लेकिन वहां के मतदाता नहीं माने जिसके कारण नेहुटा बुथ नंबर 97पर मात्र तीन वोट पड़े। वहां 944मतदाता सूची में दर्ज है। जिनमें 524परुष और 420महिला मतदाता शामिल हैं।जो तीन वोट पड़े भी वह मतदानकर्मी के ही बताये जा रहे हैं।