मारवाड़ी सम्मेलन व विभिन्न संस्थाओं का संयुक्त रक्तदान शिविर आयोजित 

जीवन बचाने की एक प्रेरणादायक पहल के अंतर्गत, मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी युवा मंच – शिलचर टाइटंस, शिलचर समृद्धि, शिलचर उदय और लखीपुर शिखर द्वारा 18 मई को जैन भवन, एन.एन. दत्ता रोड, शिलचर में एक सफल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर पूर्वोत्तर प्रादेशिक मारवाड़ी युवा मंच (PPMYM) की राज्यव्यापी पहल “ऑपरेशन रक्त” के तहत आयोजित किया गया, जो 18 से 25 मई तक असम भर में रक्तदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वाशर्मा द्वारा रक्तदान शिविरों के आयोजन की अपील के क्रम में यह शिविर शिलचर में आयोजित हुआ।
शिविर में 127 रक्तदाताओं ने भाग लिया, जो मानवता और सेवा की भावना को दर्शाता है। शिविर का संचालन शिलचर मेडिकल कॉलेज की अनुभवी टीम की देखरेख में सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से किया गया।
अतिथियों में दिपायन चक्रवर्ती (विधायक, शिलचर) और डॉ. भास्कर (प्रोफेसर, शिलचर मेडिकल कॉलेज) शामिल हुए, जिन्होंने आयोजन की सराहना की और समाज सेवा के इस प्रयास को प्रेरणादायक बताया।
इस शिविर के सफल आयोजन में निम्नलिखित अध्यक्षों एवं रक्त संयोजकों की विशेष भूमिका रही:
संस्था अध्यक्ष:
•मारवाड़ी सम्मेलन: मुलचंद बैद
•शिलचर शाखा: विवेक जैन
•शिलचर टाइटंस: अमित बर्डिया
•शिलचर समृद्धि: कविता लूनावत
•शिलचर उदय: प्रतीक सांड
•लखीपुर शिखर: सौरव भुरा
ब्लड कन्वेनर:
•मारवाड़ी सम्मेलन: पवन जैन
•शिलचर शाखा: अरिहंत कुमार गुलगुलिया
•शिलचर टाइटंस: मयंक सुराणा
•शिलचर समृद्धि: गट्टू सुराणा
•शिलचर उदय: राहुल हिरावत
•लखीपुर शिखर: हेमंत बिनायकिया
पूर्वोत्तर प्रादेशीय मारवाड़ी युवा मंच के कार्यकारिणी सदस्यों – मनोज जी सोनावत, धीरज जी जैन, सोनीया जी बागरा के मार्गदर्शन एवं सहयोग ने आयोजन को सफल बनाया, जिसके लिए आयोजकों ने विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया।
इसके अतिरिक्त, मंडल  के उपाध्यक्ष हरीश कुमार काबरा एवं सह सचिव मंदाक्ष कुमार गुलगुलिया का भी आयोजकों ने इस पुनीत प्रयास में समर्थन हेतु आभार व्यक्त किया।
मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी युवा मंच की सभी इकाइयों के स्वयंसेवकों ने शिविर को सफल बनाने हेतु दिन-रात परिश्रम किया। रक्तदाताओं को स्वल्पाहार एवं प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
संग्रहित रक्त इकाइयाँ ज़रूरतमंद मरीजों – जैसे कि दुर्घटना पीड़ितों, शल्य चिकित्सा के रोगियों एवं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों – के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होंगी।

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