“मानवता को बचाइए — ‘पृथ्वी को बचाओ’ कहना अब बंद हो” — विश्व पर्यावरण दिवस पर डॉ. पार्थ प्रदीप अधिकारी का संदेश

प्रेरणा भारती, उधारबंदः
स्थान: प्रणबानंद इंटरनेशनल स्कूल, शिलचर | तारीख: 5 जून 2025

विश्व पर्यावरण दिवस पर शिलचर स्थित प्रणबानंद इंटरनेशनल स्कूल ने इस वर्ष एक अनोखी और चिंतनशील सोच के साथ कार्यक्रम आयोजित किया — “पृथ्वी नहीं, मानवता को बचाइए” इस संदेश को केंद्र में রেখে।

हालिया बाढ़ की स्थिति के कारण छात्र-छात्राएँ विद्यालय में उपस्थित না होने पर वे और उनके अभिभावक फेसबुक लाइव के माध्यम से कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। वहीं विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी परिसर में एकत्र होकर इस दिन की महत्ता को सम्मानपूर्वक मनाया।

प्रधानाचार्य डॉ. पार्थ प्रदीप अधिकारी अपने प्रेरणादायक मुख्य भाषण में कहा —

“पृथ्वी ने डायनासोर जैसे कई प्रजातियों की विलुप्ति देखी है, फिर भी यह अस्तित्व में है। पर यदि मानव जाति प्रकृति का दोहन इसी तरह जारी रखे, तो भविष्य में हमारी प्रजाति भी खतरे में पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि हम केवल पृथ्वी की नहीं, बल्कि स्वयं की और आने वाली पीढ़ियों की रक्षा के लिए सजग हों।”

उन्होंने भारतीय पुराणों से उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे हमारी आध्यात्मिक परंपराएँ प्रकृति को देवी रूप में पूजती हैं — जैसे माँ गंगा या श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा। ये प्रसंग हमें प्रकृति के प्रति श्रद्धा और संतुलन का महत्व सिखाते हैं।

कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियाँ:

  • 15 कटहल के पौधों का रोपण विद्यालय परिसर में किया गया, जो पोषण एवं स्थायित्व के प्रतीक हैं।
  • प्राकृतिक आपदाओं में मृतकों को श्रद्धांजलि स्वरूप दीप प्रज्वलन किया गया।
  • पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेकर सभी ने अपने उत्तरदायित्व को पुनः स्मरण किया।

इस अवसर पर रोटरी क्लब ग्रेटर सिलचर के अध्यक्ष श्री जয়ज्योति विश्वास एवं CNN के विशिष्ट सदस्यगण उपस्थित थे। रोटरी क्लब की ओर से भेंट किए गए 15 कटहल के पौधे विद्यालय के कर्मचारियों द्वारा बड़े उत्साह के साथ रोपे गए।

श्री जयज्योति विश्वास ने कहा —

“एक पौधे का पालन-पोषण ठीक वैसा ही है जैसे एक बच्चे का — इसमें सच्चे समर्पण, प्रेम और देखभाल की आवश्यकता होती है।”

रोटरी क्लब के वरिष्ठ सदस्य श्री देवजीत दत्ता ने प्रणबानंद इंटरनेशनल स्कूल की हरित और सुंदर परिसर की सराहना करते हुए बताया कि यह बराक घाटी का पहला CISCE से मान्यता प्राप्त सीनियर सेकेंडरी विद्यालय है।

भारत सेवाश्रम संघ के सिद्धांतों से प्रेरित यह विद्यालय शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से पर्यावरण चेतना और आध्यात्मिक जिम्मेदारी के प्रचार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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