कांचाकांति मंदिर में गूंजा हनुमान चालीसा, स्वामी गुणसिंधु महाराज ने दिया मानवसेवा और संस्कारों का संदेश
प्रेरणा भारती, निहार कांति राय, उधारबंद।
महालया के पावन अवसर पर उधारबंद में धार्मिक उत्साह और भक्ति के वातावरण के बीच उधारबंद हिंदू रक्षी दल की पहल पर श्रीश्री कांचाकांति मां मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।
इस अवसर पर भारत सेवाश्रम संघ की शिलचर शाखा के अध्यक्ष श्रीमत स्वामी गुणसिंधु महाराज ने महालया के आध्यात्मिक महत्व, तर्पण की महिमा तथा पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तर्पण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का पवित्र माध्यम है।
स्वामी गुणसिंधु महाराज ने भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज के जीवनादर्शों का उल्लेख करते हुए चरित्र निर्माण, अनुशासन, आत्मसंयम, समाजसेवा और मानव कल्याण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक चेतना की वास्तविक सार्थकता मानवता, परोपकार और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में निहित है। उन्होंने हिंदू मिलन मंदिर की परिकल्पना के माध्यम से सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में सेवक पुरकायस्थ, हिंदू रक्षी दल के मनोज विश्वास एवं रामेश्वर कुर्मी तथा जिला परिषद सदस्य रोहित सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। श्रीश्री कांचाकांति मां मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा उधारबंद की प्रमुख सड़कों से गुजरते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
इस आयोजन के माध्यम से पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, मानवसेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।