मणिपुर सार्वजनिक बलात्कार कांड में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग

प्रे.सं.लखीपुर, २६जुलाई: पिछले ३ मई से मणिपुर राज्य में लगातार गैंगवार हो रहा है। उस समय से अब तक कितनी जघन्य अमानवीय घटनाएं घट चुकी हैं, इसका कोई हिसाब नहीं है। मोबाइल नेटवर्क ठप्प होने के कारण कुछ भी वायरल नहीं हुआ, सबसे खराब वीडियो में से एक वायरल हुआ। वीडियो में दो महिलाओं को नरभक्षियों का एक समूह नग्न अवस्था में ले जाता हुआ नजर आ रहा है। दो महिलाओं के साथ सरेआम छेड़छाड़, बलात्कार और शारीरिक व मानसिक यातना देकर हत्या कर दी गई। दुनिया को झकझोर देने वाली घटना ४ मई को मणिपुर में हुई। इस घटना को लेकर पूरे देश में विरोध का तूफान मच गया है। दुनिया भर में भारत की निंदा हो रही है.।कुछ आदिवासी संगठनों ने इस अमानवीय और जघन्य घटना की निंदा की है। जिरिबाम और तामेंगलोंग जिले का कुकी इनपुई संगठन के अध्यक्ष जनमिनथांग सिंगशान, संपादक वनलालरीट मार और पाइटे ट्राइब काउंसिल के अध्यक्ष एके मंगा ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में मणिपुर घटना की कड़े शब्दों में  निंदा की है। उनके मुताबिक दो कूकी महिलाओं के साथ जो हुआ वह बेहद अमानवीय और शर्मनाक है और इस घटना की निंदा करने के लिए शब्द भी नहीं हैं। दो असहाय महिलाओं को नग्न करके सड़कों पर चलाया गया, सरेआम बलात्कार किया गया, यह किस  तरह की बहादुरी है। इस शर्मनाक घटना से आदिवासी समाज सदमे में है। दुनिया में हर जगह, हर स्थिति में महिलाओं का सम्मान किया जाता है, लेकिन मणिपुर राज्य इसका अपवाद है। आदिवासी संगठनों के नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यहां महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। तीन आदिवासी संगठनों के एक संयुक्त बयान केंद्र से मणिपुर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने और अनुकरणीय सजा देने का आह्वान किया है।

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