तेरापंथ युवक परिषद, सिलचर एवं ज्ञानशाला के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, दिनांक 2 अगस्त 2026 को जैन भवन में मंत्र दीक्षा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ज्ञानशाला के बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान करने के साथ धार्मिक संस्कारों एवं श्रेष्ठ जीवन-मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती कुसुम मालू द्वारा प्रस्तुत त्रिपदी वंदना से हुआ। इसके पश्चात ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं ने मंत्र दीक्षा से संबंधित मधुर गीतिका की प्रस्तुति दी। श्रीमती पूजा मरोठी ने नमस्कार महामंत्र की महत्ता पर आधारित प्रेरणादायक कहानी के माध्यम से बच्चों को मंत्र की शक्ति एवं नियमित जप का महत्व समझाया। ज्ञानशाला की प्रशिक्षिका श्रीमती मनीषा गुलगुलिया ने बच्चों के माध्यम से पंच परमेष्ठी से संबंधित सुंदर एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति प्रदान कराकर सभी का मन मोह लिया।
मंत्र दीक्षा के अवसर पर बाहर से पधारे स्वाध्यायी भाई ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जैन संस्कारों को जीवन में उतारना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को प्रतिदिन अपने से बड़ों को प्रणाम करने, मिलने पर ‘जय जिनेन्द्र’ कहने, नियमित रूप से माला फेरने तथा धार्मिक नियमों का पालन करने की प्रेरणा प्रदान की। साथ ही बच्चों को महान संत एवं समाज-सुधारक आचार्य श्री तुलसी के व्यक्तित्व, उनके अवदानों तथा उनके द्वारा दिए गए संस्कारों के विषय में जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, सिलचर के उपाध्यक्ष श्री तोलाराम जी गुलगुलिया एवं सभा मंत्री श्री प्रेमचंद जी छाजेड़ का प्रेरणादायक वक्तव्य रहा। दोनों वक्ताओं ने बच्चों के जीवन में ज्ञानशाला, मंत्र-जप, अनुशासन एवं धार्मिक संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से भी बच्चों को नियमित रूप से ज्ञानशाला से जोड़ने का आह्वान किया।
ज्ञानशाला की मुख्य प्रशिक्षिका श्रीमती प्रेम सुराणा ने ज्ञानार्थियों को मंत्र दीक्षा दिलाई।
इसी अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद, सिलचर द्वारा सितंबर माह में आयोजित किए जाने वाले रक्तदान शिविर के बैनर का अनावरण भी किया गया। परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष श्री पंकज कुमार मालू ने रक्तदान को मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम बताते हुए समाज के अधिकाधिक लोगों से शिविर में सहभागिता करने की अपील की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन तेरापंथ युवक परिषद, सिलचर के सहमंत्री लोकेश गुलगुलिया ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न प्रस्तुतियों को सुव्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए बच्चों को सरल भाषा में मंत्र दीक्षा एवं संस्कारों का महत्व बताया। कार्यक्रम के अंत में मंत्र दीक्षा के संयोजक श्री जैकी मरोठी ने आभार ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं, अभिभावकों, परिषद सदस्यों एवं बच्चों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सभा, तेरापंथ युवक परिषद, ज्ञानशाला परिवार, अभिभावकों एवं समाज के अनेक गणमान्य सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंत्र दीक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के मंगलमय एवं संस्कारयुक्त भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
Best Regards,
Madan Singhal
Patrakar & Sahityakar
Agarsen Siksha Sansthan