कोकराझार, 31 अक्टूबर: भूटान में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनद झील फटने की घटना के बाद कोकराझार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त पंकज चक्रवर्ती की अध्यक्षता में आज डीसी कॉन्फ्रेंस हॉल में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, अंचल अधिकारी (सर्कल ऑफिसर) और संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में बाढ़ के चलते संकोश नदी में भारी तादाद में मछलियों के मरने की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। प्रशासन को आशंका है कि नदी से एकत्र की गई मृत या खाने के लिए अनुपयुक्त मछलियां स्थानीय बाजारों—विशेषकर गोसाईगांव उप-मंडल—में बेची जा सकती हैं। आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर खतरों को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को तत्काल मछली और मांस बाजारों में सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने संकोश नदी से मृत मछलियों को पकड़ने और उनकी बिक्री पर सख्त रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
बैठक समाप्त होते ही कोकराझार के अंचल अधिकारी और कार्यपालक अधिकारी (ईओ) ने टीम के साथ स्थानीय बाजारों का मुआयना किया। इस दौरान विक्रेताओं को बासी या मृत मछलियां न बेचने की कड़ी चेतावनी दी गई, साथ ही उपभोक्ताओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और संदिग्ध स्रोतों से आने वाली मृत या बासी मछली और मांस की खरीद व सेवन से बचें। लोगों को केवल विश्वसनीय दुकानों से ही ताजा खाद्य सामग्री खरीदने की सलाह दी गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।
राहत की बात यह है कि संकोश नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है और फिलहाल किसी आकस्मिक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा नहीं है। इसके बावजूद, जिला प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।