प्रतियोगिता में न केवल अबुल कलाम आज़ाद प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, बल्कि शिलचर के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 80 विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। यह प्रतियोगिता तीन अलग-अलग वर्गों में आयोजित की गई और इसका समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित था।
प्रतियोगिता के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें संगीत और नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ हुईं। इसके बाद विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान की गईं।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी श्री सुदीप दास और विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री मंज़िल अहमद राज बड़भुइयाँ उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए इस तरह के आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
चित्रकला आर्ट अकैडमी की अध्यक्षा रिया बनिक ने अपने वक्तव्य में कहा कि, “पढ़ाई के साथ-साथ चित्रकला भी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग है। यदि बच्चे इसे सही ढंग से सीखें तो इसका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। इसे केवल एक आय का साधन न मानकर एक कलात्मक अभिव्यक्ति के रूप में देखना चाहिए।”
पूरे कार्यक्रम का संचालन “छंदे-छंदे म्यूज़िक अकैडमी” की प्रधान शिक्षिका मोनिदीपा पाल चौधरी ने किया। आयोजन की सफलता में रूपांजना पाल, राधिका बनिक, निक्की सरकार, सानाइया सिन्हा, मौमिता पाल सहित कई शिक्षिकाओं और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस तरह का आयोजन न सिर्फ बच्चों के रचनात्मक विकास को बढ़ावा देता है, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जोड़े रखता है। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे और कार्यक्रमों की घोषणा की।