भारत का पर्यावरण बिक्री के लिए नहीं ,अरावली ,ग्रेट निकोबार ,हसदेव अरण्य ,विस्थापन, कॉर्पोरेट लूट नहीं होने देंगे –आदिवासी संघर्ष मोर्चा

भारत का पर्यावरण बिक्री के लिए नहीं ,अरावली ,ग्रेट निकोबार ,हसदेव अरण्य ,विस्थापन, कॉर्पोरेट लूट नहीं होने देंगे –आदिवासी संघर्ष मोर्चा
झारखंड प्रदेश एवं संपूर्ण भारत वर्ष में खासकर पाँचवी अनुसूची क्षेत्रों में, जल, जंगल, जमीन, खनिज की लूट लगातार बढ़ रही है। इन क्षेत्रों को कॉर्पोरेट लूट के लिए सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ग्राम सभा और लोगों की सहमति के बिना सुरक्षा बलों के अनगिनत कैम्प बैठाए जा रहे हैं और व्यापक सैन्यकरण किया जा रहा है। माओवाद-खात्मा के नाम पर आदिवासी, दलित व अन्य वंचित समुदायों पर व्यापक हिंसा व दमन किया जा रहा है। फर्जी मुकदमे दर्ज करना और फर्जी मुठभेड़ आम बात हो गए हैं। हालांकि यह दशकों का इतिहास रहा हैl लेकिन मोदी सरकार ने इस लूट और दमन को व्यापक बना दिया है। यह दुख की बात है कि इस मामले में हेमंत सोरेन सरकार भी केंद्र के नक्शेकदम पर चल रही है। अवैध खनन, बिना ग्राम सभा की सहमति के माइनिंग करना और ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा कैम्प बनाना, लगातार बढ़ रहे हैं। चुनावी वादों के बावजूद रघुवर सरकार द्वारा 2016-17 में बनाए गए लैंड बैंक व भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन को आज तक रद्द नहीं किया गया है।ऐसी परिस्थिति में यह जरूरी है कि लोग एकजुट होकर मोदी सरकार की लोकतंत्र विरोधी रवैया और हेमंत सोरेन सरकार के उदासीन रवैये का विरोध करती है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और झारखंड जनाधिकार महासभा राज्य समेत पूरे देश में लगातार हो रहे विस्थापन, कॉर्पोरेट लूट और दमन के विरुद्ध जन अभियान का आव्हान किए हैं। अभियान 30 दिसंबर 2025 (शहीद जीतराम बेदिया जयंती दिवस) 1 जनवरी (खरसावां गोलीकांड दिवस) 2026,8 जनवरी 2026 (टिकैत उमराव सिंह,शेख भिखारी शहादत दिवस)से 9 जनवरी (डोम्बारी शहीद दिवस) 2026 तक चलेगा।मोर्चा व महासभा राज्य के सभी संघर्षशील संगठनों व कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि वे इस अभियान में जुड़े एवं अपने-अपने क्षेत्र में जन कार्यक्रम जैसे विरोध प्रदर्शन, जन सभा, सम्मेलन आदि करने का निर्णय लिया गया। जन-जन तक वर्तमान परिस्थिति की सच्चाई को पहुंचाए और आदिवासी संघर्ष के इतिहास को याद करें। क्षेत्र के विस्थापन, कॉर्पोरेट लूट और दमन के मुद्दों को भी उठाने पर विचार किया गया।इस बीच आदिवासी संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय सह संयोजक देवकीनंदन बेदिया,आर डी मांझी, भुनेश्वर बेदिया,नरेश बडाईक,सरयू बेदिया,लालकुमार बेदिया,लाल कुमार बेदिया,रामबृक्ष बेदिया,बृजनारायण मुंडा व भाकपा-माले रामगढ़ जिला सचिव हीरा गोप की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई। बैठक में पर्यावरण पर चर्चा करते हुए रक्षा करने के सवाल पर विचार की गई।
प्रकृति और हमारी जल-जंगल-जमीन को बचाने के लिए कोई प्लान -बी नहीं है। हमारे पास एक ही दुनिया है । दिल्ली की दमघोंटू हवा से लेकर छत्तीसगढ़ और ग्रेट निकोबार के उजड़ते जंगलों तक , और हिमालय में लगातार सामने आती आपदाओं तक हम अपने भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के खिलाफ मोदी सरकार की विनाशकारी नीतियों के गवाह है।

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