सांसद, विधायक और एसपी ने भी किया पूजा अर्चना
शिवकुमार शिलचर, २६ नवंबर: आज श्रद्धा-भक्ति और उत्साह के बीच शिलकुड़ी स्थित बरम बाबा मेला का उद्घाटन रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम शिलचर के स्वामी गणाधीशनन्द जी महाराज द्वारा उनके कर कमलो से स्थानीय पुजारियों द्वारा बिधिवत मंत्रोंच्चार के माध्यम से किया गया| सर्व प्रथम सभी आमंत्रित अतिथियों को मंचासीन कराया गया,तत्पश्चात बरम बाबा परिचालना समिति के सदस्यों द्वारा सभी अतिथियों को केसरिया गमछा देकर सम्मानित किया गया| मुख्य अतिथि पूर्व केन्द्रीय मंत्री कबीन्द्र पुरकायस्थ अचानक तबीयत खराब होने के चलते उपस्थित नहीं हो पाए |

विशिष्ट अतिथि के रूप मे मंच पर उपस्थित थे करीमगंज के सांसद कृपानाथ मल्लाह तथा सम्मानित अतिथियों मे उपस्थित थे लखीपूर के बिधायक कौशिक राय, असम चाय निगम के चेयरमैन राजदीप ग्वाला, पश्चिम सोनाई जिला परिषद मानव सिंह, समाजसेवी व उद्योग पति महाबीर प्रसाद जैन,भोराखाई गाँव पंचायत सभापति सुरजा प्रसाद गौर, भोराखाई हाई स्कूल के प्रधान शिक्षक उत्तम सिंह, बिश्वजीत कोइरी, बराक चाय युवा कल्याण समिति के सभापति लालन प्रसाद ग्वाला, बरम बाबा मंदिर के मुख्य पुजारी सविता शर्मा,हिन्दी साहित्य समिति के महासचिव संपादक दुर्गेश कुर्मी, बराक चाय श्रमिक यूनियन के सह सचिव रवि नूनिया, शिलकुरी चाय बागान के मालिक एन के बागला, भाजपा पश्चिम सोनाई मण्डल के सभापति प्रदीप दास, रामपुर चाय बागान के प्रबंधक सुकेश सिंह व बरम बाबा परिचालन समिति के अध्यक्ष ध्रुवनाथ सिंह व अन्य।

अपना प्रारम्भिक वक्तव्य देते हुए लखीपूर के बिधायक कौशिक राय ने कहा की यह बरम बाबा का मेला जब से शुरू हुया है तब से लेकर आज तक दो चार ही लोग ऐसे बचें है जो जुड़े हुए है, बाकी समय के साथ साथ सब परिवर्तन होता गया लेकिन बरम बाबा का जो आकर्षण है, पहले जैसा था आज भी वैसा ही है| उन्होंने बरम बाबा परिचालन कमेटी की सराहना करते हुए कहा की पिछले दो साल से जो मेले पर दुकान लगाने की प्रक्रिया है, उसे ऑन लाइन करने से और भी सुविधा हो गई है| गाँव मे होने वाला बराक वैली सबसे बड़ा मेला बरम बाबा का मेला है| इस मेले मे साधु संत सहित हर समुदाय के लोग लाखों की संख्या मे इस मेले मे आते है| जिस कारण बरम बाबा की भब्यता दिन व दिन बढ़ता ही जा रहा है| असम सरकार के निर्देशानुसार पुलिश प्रशसन पूरे दो सौ पुलिश कर्मियों के साथ तैनात है ताकि मेला में कोई अनहोनी न हो| नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद सिर्फ असम मे ही नहीं बल्कि पूरे देश मे जीतने भी आस्था का स्थल व पौराणिक मंदिर है, वे सारे मंदिरों को भब्यता व पुनः स्थापना करने की कोशिश चल रही है| पूरे देश मे जगह जगह भव्य मंदिर होगा, ऐसे काम प्रधान मंत्री जी के नेतृत्व मे किया जा रहा है|
करीमगंज के सांसद कृपानाथ मल्लाह ने अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा की,आज ८२ वां बरम बाबा का मेला का उद्घाटन हुआ पूरे बराक वैली से सभी हिन्दू समुदाय के लोग आएंगे, इस मेले मे पूजा करने। इस तीन दिवसीय मेला को हर साल जिस तरह सुचारु रूप से मेला कमेटी द्वारा परिचालित किया जाता है,बहुत सराहनीय है|श्री माल्हा ने मुगुलकाल के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा की, मूंगलों ने देश के प्रमुख जैसे राम मंदिर, कृष्ण मंदिर को साजिश के तोड़कर मस्जिद बना दिया ताकि हिन्दुओ का नामों निशान मीट जाए श। जब हम कंही पर जाते है तो मंदिर देखने से पता चलता है की यंहा हिन्दू है।

इसीलिए हम लोगों को जगह जगह ज्यादा से ज्यादा मंदिरों का निर्माण करना चाहिए और बरम बाबा का मेला में जितनी ज्यादा संख्या हो श्रद्धालुओ को आना चाहिए|
असम चाय निगम के चेयरमैन राजदीप ग्वाला ने सभी बरम बाबा मेले का शुभकामना देते हुए कहा की, बरम बाबा की कृपा से सबका जीवन मंगलमय हो और हमारे बरम बाबा का जो यह स्थान है यह बहुत ही महान तीर्थ स्थान है, यंहा पर बराक घाटी सहित अनेक दूर दूर से श्रद्धालुगण हर साल बरम बाबा का मेले पर आते है बाबा का दर्शन करने|मैं भी बचपन से ही इस मेले में आता था, कुछ दिन पहले से ही बरम बाबा का मेला का इंतेजार रहता था| बरम बाबा का यह स्थान मेला के साथ साथ एक मिलन स्थान है, जहां पर लोग अपने सगे संबधिओ से साल में एक बार मिलते है| सभी अतिथिओ ने अपने अपने भाषण मे बरम बाबा की महिमा का बखान किया। इस उद्घाटन समारोह का संचालन प्रदीप कुर्मी कर रहे थे| इस उद्घाटन समारोह में कमेटी के कार्यकर्ता कुबेर नूनिया, प्रदीप नूनिया, हीरालाल दुसाध, अमित यादव, ओमप्रकाश नूनिया, अजीत नूनिया, कैलाश ग्वाला, जय कुमार कानू, सुबचन ग्वाला, रंजन सिंह व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।