बराक घाटी में हिंदी की दिशा और दशा
भारत के संविधान में हिंदी को राजभाषा का गौरव प्राप्त है। अफसोस की बात है कि बराक घाटी में हिंदी को जिस प्रकार विकसित होना था वह हो नहीं पाया। इसका कारण इस क्षेत्र के नेता व सामाजिक संगठन की निष्क्रियता है। बहुत हिंदी मीडियम स्कूल खुला लेकिन कालांतर में बांग्ला माध्यम के स्कूल रूपांतरित हो गया। विद्यालयों में, महाविद्यालय में हिंदी शिक्षको की नियुक्ति नहीं हो रहा है। बाराकघाटी की एकमात्र हिंदी पत्रिका प्रेरणा भारती हिंदी पाठकों भरोसा स्थल है। प्रेरणा भारती ने हिंदी पत्रकारिता में युवकों को आगे बढ़ाने का काम किया है।
पृथ्वीराज ग्वाला फकीरटीलि शिलचर