प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों पर दर्बी पंचायत अध्यक्ष रामसिंहासन ग्वाला का पलटवार 

शिव कुमार शिलचर, 28 अक्टूबर। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर धोलाई विधानसभा क्षेत्र की दर्बी ग्राम पंचायत में विवाद सामने आया है। पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामसिंहासन ग्वाला ने अपने ऊपर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए उनका खंडन किया है। मंगलवार को आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने संबंधित आवास के सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए अपने पक्ष में कई महत्वपूर्ण तारीखों का उल्लेख किया। अध्यक्ष रामसिंहासन ग्वाला के अनुसार, पूर्व क्षेत्रीय पंचायत सदस्य मनोज साहू ने सोशल मीडिया पर तथा दुआरबंध थाने में उनके खिलाफ आरोप लगाया है कि दीपक चाषा के प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान के लिए 25 हजार रुपये लिए गए। इन आरोपों के जवाब में ग्वाला ने लाभार्थी दीपक चाषा, पिता दीनबंधु चाषा, के आवास से संबंधित दस्तावेज पत्रकारों के सामने रखे। प्रस्तुत दस्तावेजों का हवाला देते हुए रामसिंहासन ग्वाला ने बताया कि संबंधित आवास को 21 फरवरी 2025 को प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। इसके बाद 8 जुलाई 2025 को भुगतान आदेश जारी किया गया और 17 जुलाई 2025 को लाभार्थी के बैंक खाते में पहली किस्त की राशि जमा हुई।

अध्यक्ष ने बताया कि दर्बी ग्राम पंचायत की नई कार्यकारिणी ने 26 जून 2025 को शपथ ग्रहण किया था। उनका कहना है कि आवास की प्रशासनिक स्वीकृति नई पंचायत के गठन से लगभग चार महीने पहले ही मिल चुकी थी।

इसी समय-क्रम को आधार बनाते हुए ग्वाला ने सवाल उठाया कि जब संबंधित आवास को नई पंचायत के गठन से पहले ही स्वीकृति मिल गई थी, तो इस मामले में वर्तमान पंचायत पर भ्रष्टाचार का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि मामले को समझने के लिए सरकारी दस्तावेजों और संबंधित तारीखों को ध्यान में रखना जरूरी है।

पत्रकार सम्मेलन के दौरान रामसिंहासन ग्वाला ने पूर्व क्षेत्रीय पंचायत सदस्य मनोज साहू के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मनोज साहू स्वयं पांच वर्षों तक क्षेत्रीय पंचायत सदस्य रहे थे और उनकी पत्नी भी इस पद पर रह चुकी हैं। उस समय ग्राम पंचायत के अध्यक्ष प्रदीप कानू थे।

ग्वाला ने सवाल किया कि यदि संबंधित गरीब परिवार को पहले आवास योजना का लाभ नहीं मिला था, तो पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का जवाब देना चाहिए।उन्होंने मनोज साहू को पार्टी से निष्कासित किए जाने का दावा भी किया। इसके अलावा, उन्होंने मनोज साहू के कथित कारावास का उल्लेख करते हुए इस संबंध में स्पष्टीकरण की बात कही। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दर्बी ग्राम पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि नई पंचायत भारतीय जनता पार्टी की शून्य सहनशीलता की नीति के अनुरूप काम कर रही है। उनके अनुसार, कुछ लोग पंचायत की छवि खराब करने के उद्देश्य से भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।

रामसिंहासन ग्वाला ने स्पष्ट किया कि वह संबंधित सरकारी दस्तावेजों के आधार पर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार मानते हैं। उन्होंने पूरे मामले में तारीखों और उपलब्ध दस्तावेजों को महत्व देने की बात कही।

फिलहाल, इस मामले में पंचायत अध्यक्ष का पक्ष सामने आया है। आरोप लगाने वाले मनोज साहू का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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