पोषण अभियान और नशा मुक्त भारत अभियान पर सीबीसी ने किया जागरूकता कार्यक्रम

डिब्रूगढ: भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), डिब्रूगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से लेजाई दिगालिया गांव में पोषण अभियान और नशा मुक्त भारत अभियान पर एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम (आईसीओपी) आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता और टीकाकरण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों तथा इसके व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के प्रति समुदाय को संवेदनशील बनाना था।

इस वर्ष के पोषण अभियान की थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” पर प्रकाश डालते हुए आसपास के आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं ने पौष्टिक खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन किया। उन्होंने गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए आवश्यक आहार संबंधी जरूरतों की जानकारी दी। उन्होंने गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान संतुलित पोषण तथा उचित देखभाल के महत्व पर जोर दिया।

लेजाई कलाखोवा मॉडल अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) डॉ. येइन खाम हेलोंग ने बच्चे के जीवन के पहले एक हजार दिनों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अवधि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने मां और बच्चे दोनों के लिए पर्याप्त पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता पर बल दिया।

आईसीडीएस (शहरी), डिब्रूगढ़ की पर्यवेक्षक डॉ. सिबानी दत्ता ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने मादक पदार्थों के सेवन को रोकने और युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों, परिवारों, सामुदायिक संगठनों और संस्थानों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में लेजाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य कृष्ण कांत बोरा, लेजाई खोनाजन एमई विद्यालय के प्रधानाध्यापक गुंजन कुमार चांगमई, दिगालिया उखा युवक संघ के सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण, महिलाएं और विद्यालय के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

कार्यक्रम में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और जागरूकता संबंधी संदेशों को मजबूत करने के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का समापन माताओं एवं बच्चों के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामुदायिक स्तर पर सामूहिक प्रयास करने की अपील के साथ हुआ।

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