पेमा खांडू ने डोनी पोलो बहुउद्देशीय सभागार का किया उद्घाटन, गालो समुदाय के योगदान की सराहना की

नाहरलागुन (अरुणाचल प्रदेश): अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने नाहरलागुन के निकट तराजुली स्थित गालो हेरिटेज सेंटर में डोनी पोलो बहुउद्देशीय सभागार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास में गालो समुदाय के योगदान और स्वदेशी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए समुदाय द्वारा नाहरलागुन स्थित अपने पारंपरिक मोपिन मैदान को स्वेच्छा से सौंपने के निर्णय का उल्लेख किया। इस मैदान का उपयोग वर्ष १९७६ से किया जा रहा था। समुदाय ने इसे राज्य के पहले मेडिकल कॉलेज, टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (टीआरआईएचएमएस) की स्थापना के लिए उपलब्ध कराया था।

भूमि हस्तांतरण के बाद समुदाय ने एक समिति का गठन किया और अपने सदस्यों के सहयोग से तराजुली में लगभग ११,२१७ वर्ग मीटर भूमि खरीदी। विभिन्न कबीलाई संगठनों ने चारदीवारी और पारंपरिक प्रवेश द्वारों का निर्माण कर इस स्थल के विकास में योगदान दिया। वहीं, ४३० से अधिक लोगों ने सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की।

बहुउद्देशीय सभागार को वर्ष २०२२ में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद केंद्र सरकार की पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत मंजूरी दी गई थी। इस परियोजना को लगभग एक वर्ष में पूरा किया गया।

पेमा खांडू ने कहा कि यह सभागार मोपिन उत्सव के आयोजन के लिए एक स्थायी स्थल के रूप में काम करेगा। इसके साथ ही यह गालो समुदाय के पारंपरिक गीतों, नृत्यों, हस्तशिल्प और स्वदेशी ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक समुदाय को अपनी भाषा, परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करने तथा उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी स्वयं उठानी चाहिए।

उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन नाहरलागुन मोपिन प्रबंधन एवं संवर्धन समिति ने गालो वेलफेयर सोसाइटी और विभिन्न कबीलाई संगठनों के समन्वय से किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हेरिटेज सेंटर में आवश्यक जल निकासी व्यवस्था के निर्माण को इसी वर्ष मंजूरी प्रदान की जाएगी। उन्होंने ईटानगर स्थित मोपिन और सोलुंग मैदान में गालो तथा आदि समुदायों के लिए एक शेड के निर्माण की योजना की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गालो सचिवालय और अन्य विरासत संबंधी बुनियादी सुविधाओं की मांगों पर आगे कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के दौरान सौंपे गए ज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए खांडू ने कहा कि रुक्सिन और किमिन के बीच प्रस्तावित दो-लेन सड़क परियोजना को केंद्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए संबंधित समुदायों को सर्वेक्षण के अनुसार निर्धारित सड़क मार्ग पर आवश्यक भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के संबंध में लिखित सहमति देनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से निर्माण कार्य, बिजली संबंधी कार्यों और प्लंबिंग के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया, ताकि राज्य को बाहर से आने वाले कुशल श्रमिकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सके।

तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान करते हुए खांडू ने युवाओं से उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के साथ-साथ अपनी स्वदेशी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहने की अपील की।

डोनी पोलो बहुउद्देशीय सभागार का उद्घाटन समुदाय के नेतृत्व में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह केंद्र गालो समुदाय को अपनी परंपराओं का उत्सव मनाने, सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और अपनी समृद्ध विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए एक स्थायी मंच प्रदान करेगा।

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