पाँचवें दिन भी जारी रहा विष्णुप्रिया मणिपुरी समाज का सत्याग्रह
बराक बंग साहित्य–संस्कृति सम्मेलन, शिलचर ने दिया समर्थन
मांगें पूरी नहीं होने पर नए राजनीतिक दल के गठन की चेतावनी
शिलचर, 17 फरवरी (रानू दत्ता):
विष्णुप्रिया मणिपुरी महासभा एवं उससे जुड़े अन्य संगठनों द्वारा चलाया जा रहा सत्याग्रह आंदोलन सोमवार को पाँचवें दिन भी जारी रहा। शिलचर स्थित के पाददेश पर चल रहे इस शांतिपूर्ण आंदोलन में बैठे कई सत्याग्रहियों की तबीयत बिगड़ने पर कछार जिला प्रशासन की ओर से एंबुलेंस मंगाई गई।
आंदोलन के मुख्य संयोजक तथा अखिल विष्णुप्रिया मणिपुरी महासभा के अध्यक्ष अनिल राजकुमार और कार्यकारी महासचिव गोपीदास सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि असम सरकार कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पारित कर उनकी मांगों को गजट अधिसूचना के माध्यम से लागू करे।
गोपीदास सिन्हा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विष्णुप्रिया मणिपुरी समाज के हितों की रक्षा हेतु एक नए राजनीतिक दल का गठन किया जाएगा।
शहीद सुदेष्णा सिन्हा का स्मरण
नेताओं ने 16 मार्च 1996 को पाथरकांडी में भाषा मान्यता आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में शहीद हुई सुदेष्णा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सुदेष्णा सिन्हा ने मातृभाषा की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी और उनका बलिदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उसी आदर्श को सामने रखकर वर्तमान सत्याग्रह संचालित किया जा रहा है।
लिखित आश्वासन की मांग
गोपीदास सिन्हा ने आरोप लगाया कि कछार जिला प्रशासन की ओर से केवल मौखिक आश्वासन दिया जा रहा है। राज्य के मंत्रियों— और —ने मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन दिया है, किंतु अब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि चल रहे विधानसभा सत्र में विषय को उठाकर कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया जाए, अन्यथा आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- प्राथमिक स्तर पर विष्णुप्रिया मणिपुरी भाषा को शिक्षण माध्यम के रूप में लागू करना
- भाषा के लिए 300 शिक्षक पदों का सृजन
- केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने हेतु गजट अधिसूचना जारी करना
- विष्णुप्रिया मणिपुरी स्वायत्त परिषद (ऑटोनोमस काउंसिल) का गठन
ज्ञातव्य है कि पूर्व में मंत्री कौशिक राय के प्रतिनिधि के रूप में विधायक निहार रंजन दास आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे। मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित किया गया था, लेकिन मांगें पूरी न होने पर पुनः सत्याग्रह शुरू किया गया।
समर्थन बढ़ता हुआ
गोपीदास सिन्हा ने बताया कि आंदोलन की खबर बराक और ब्रह्मपुत्र घाटी सहित बांग्लादेश तक फैल चुकी है। विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ-साथ बांग्लादेश से भी समर्थन मिलने की बात कही गई है।
इस बीच, बराक उपत्यका बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन, शिलचर क्षेत्रीय समिति के पदाधिकारियों ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन व्यक्त किया। समिति के अध्यक्ष संजीव देव लस्कर, सचिव उत्तम कुमार साहा और शैबाल दत्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने सत्याग्रहियों के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए सरकार से शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की।
पाँच दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन या सरकार की ओर से कोई ठोस सकारात्मक कदम न उठाए जाने से आंदोलनकारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।