नीट पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी : साधन पुरकायस्थ

शिलचर, 9 अगस्त। नागरिक अधिकार संरक्षण समिति, असम के प्रतिनिधि साधन पुरकायस्थ ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन में उन्होंने भाग लेकर सी.जे.पी. द्वारा उठाई गई मांगों का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से नीट प्रश्नपत्र लीक जैसी गंभीर घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा पूरी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार के खिलवाड़ को स्वीकार नहीं करने की बात कही।

साधन पुरकायस्थ ने कहा कि संबंधित मामले में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है, लेकिन केवल इस्तीफा समस्या का समाधान नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही तय हो तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में ठोस और स्थायी सुधार किए जाएं।

उन्होंने कहा कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और बढ़ते शैक्षणिक दबाव ने अनेक विद्यार्थियों को गंभीर मानसिक तनाव और निराशा की स्थिति में पहुंचाया है। उन्होंने 21 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की आत्महत्या के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए सरकार तथा संबंधित संस्थाओं को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी कीमत पर अनिश्चितता के हवाले नहीं किया जा सकता। सरकार को ऐसी शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, जिसमें मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को न्याय मिले, परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता हो और अनियमितता करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।

साधन पुरकायस्थ ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा केवल किसी एक संगठन या आंदोलन का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।

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